बारिश के मौसम में गर्मी और नमी के कारण स्कैल्प में पसीना, चिपचिपाहट और जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसी दौरान कई लोगों को सिर में खुजली और सफेद परत यानी डैंड्रफ ज्यादा नजर आने लगता है। हालांकि, डैंड्रफ को केवल मौसम या गंदगी से जोड़ना सही नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक, तैलीय स्कैल्प, हेयर-केयर प्रोडक्ट्स और कुछ त्वचा संबंधी स्थितियां भी डैंड्रफ का कारण बन सकती हैं।
डैंड्रफ में क्यों होती है खुजली?
डैंड्रफ में सिर की त्वचा पर सफेद या ग्रे रंग की परत दिखाई दे सकती है और स्कैल्प में खुजली महसूस हो सकती है। कई बार यह समस्या सेबोरिक डर्मेटाइटिस जैसी स्थिति से भी जुड़ी होती है, जिसमें स्कैल्प पर खुजली, लालिमा और परतें दिखाई दे सकती हैं।
बारिश के मौसम में पसीने और नमी के कारण स्कैल्प लंबे समय तक गीला या चिपचिपा रह सकता है। ऐसे में बालों और स्कैल्प की सही सफाई और देखभाल करना जरूरी है। हालांकि, हर व्यक्ति में डैंड्रफ के बढ़ने का कारण अलग हो सकता है।
डैंड्रफ से बचाव के लिए क्या करें?
हल्के डैंड्रफ में नियमित रूप से बाल धोना और जरूरत के अनुसार एंटी-डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल मददगार हो सकता है। ऐसे शैंपू में ketoconazole, selenium sulfide, salicylic acid या zinc pyrithione जैसे सक्रिय घटक हो सकते हैं। शैंपू को हमेशा उसके लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल करना चाहिए।
बारिश में बाल भीग जाएं तो उन्हें लंबे समय तक गीला न छोड़ें। स्कैल्प को धीरे से साफ करें और बहुत ज्यादा खुजली होने पर बार-बार नाखूनों से रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे त्वचा में जलन बढ़ सकती है।
हेयर जेल, स्प्रे या दूसरे हेयर प्रोडक्ट्स का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल भी कुछ लोगों में स्कैल्प को परेशान कर सकता है। अगर किसी नए प्रोडक्ट के बाद खुजली या जलन शुरू हुई है तो उसका इस्तेमाल रोककर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर डैंड्रफ बहुत ज्यादा हो, स्कैल्प में लगातार तेज खुजली रहे, लालिमा या सूजन दिखाई दे या चेहरे और शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी खुजलीदार परतें बनने लगें, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। अगर एंटी-डैंड्रफ शैंपू के इस्तेमाल के बावजूद करीब एक महीने में समस्या में सुधार न हो, तब भी डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
इसलिए मानसून में डैंड्रफ को नजरअंदाज करने के बजाय स्कैल्प की नियमित सफाई, सही हेयर-केयर और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। हर खुजली को डैंड्रफ मानकर खुद से इलाज करने के बजाय लगातार या गंभीर लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर से सही कारण की जांच कराना जरूरी है।








