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August 17, 2026 5:44 pm

रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा कॉपर, Hindustan Copper का शेयर 7% उछला; केबल-वायर कंपनियों में भी तेजी

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कॉपर की कीमतों में तेज उछाल का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में मेटल और केबल-वायर कंपनियों के शेयरों पर साफ दिखाई दिया। कॉपर की अंतरराष्ट्रीय कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचने के बीच Hindustan Copper के शेयर में करीब 7% की तेजी दर्ज की गई। दोपहर 1:15 बजे तक कंपनी का शेयर करीब 7% ऊपर ₹566.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर की कीमतों में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर तीन महीने के कॉपर फ्यूचर्स में सोमवार को करीब 1.7% तक की तेजी आई और कीमत $14,396 प्रति टन तक पहुंच गई। यह स्तर कॉपर के रिकॉर्ड हाई $14,527.50 प्रति टन के काफी करीब है। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉपर की कीमतों में यह लगातार सातवें सप्ताह की तेजी है।

कॉपर की कीमतों में तेजी का सीधा फायदा कॉपर उत्पादक कंपनियों की ओर निवेशकों के रुझान के रूप में दिखाई दे रहा है। Hindustan Copper के शेयर में खरीदारी बढ़ी और स्टॉक दिन के कारोबार में ₹573 के आसपास भी पहुंचा। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को शेयर ने ₹573.95 का इंट्राडे हाई देखा।

केवल Hindustan Copper ही नहीं, बल्कि केबल और वायर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। Finolex Cables में करीब 5.25%, KEI Industries में करीब 2.5% और Polycab में करीब 1.24% की बढ़त दर्ज की गई। इससे पूरे केबल-वायर सेगमेंट में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती नजर आई।

कॉपर इलेक्ट्रिकल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण कच्चा माल है। बिजली के तार, केबल, इलेक्ट्रिकल उपकरण, निर्माण और इलेक्ट्रिक वाहनों समेत कई क्षेत्रों में इसकी मांग रहती है। इसलिए कॉपर की कीमतों में बड़ा बदलाव इससे जुड़ी कंपनियों के कारोबार और मार्जिन पर असर डाल सकता है। हालांकि, महंगे कच्चे माल का असर केबल और वायर कंपनियों की लागत पर भी पड़ सकता है, इसलिए इन शेयरों में तेजी को केवल कॉपर की कीमतों के आधार पर देखना उचित नहीं होगा।

Hindustan Copper के लिए हालिया तेजी के पीछे कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को लेकर भी बाजार में सकारात्मक माहौल है। कंपनी ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ₹352.61 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹134.28 करोड़ के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।

हालांकि, शेयर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों के लिए जोखिम बना हुआ है। कॉपर की कीमतें वैश्विक सप्लाई, मांग, औद्योगिक गतिविधियों, डॉलर और भू-राजनीतिक परिस्थितियों जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। कीमतों में बदलाव का असर मेटल कंपनियों के शेयरों में भी तेज उतार-चढ़ाव के रूप में दिखाई दे सकता है।

फिलहाल कॉपर की रिकॉर्ड के करीब पहुंचती कीमतों ने Hindustan Copper और दूसरे संबंधित शेयरों में नई हलचल पैदा कर दी है। सोमवार की तेजी ने एक बार फिर दिखाया कि वैश्विक कमोडिटी बाजार में कॉपर की चाल का भारतीय मेटल, केबल और वायर कंपनियों के शेयरों पर कितना असर पड़ सकता है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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