जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बालोतरा के पचपदरा में 4 जुलाई (शनिवार) को आयोजित राजस्थान रिफाइनरी के लोकार्पण समारोह के अवसर पर जयपुर मेट्रो रेल परियोजना फेज-2 का शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री की इस सौगात से शहर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र सीतापुरा एवं वीकेआईए को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और आमजन को सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
जयपुर मेट्रो फेज-2 के अन्तर्गत प्रहलादपुरा से टोड़ी मोड तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर सीतापुरा से लेकर वीकेआईए तक के औद्योगिक एवं आवासीय क्षेत्रों को जोड़ते हुए जयपुर की जीवनरेखा के रूप में कार्य करेगा। इस कॉरिडोर में कुल 36 स्टेशन होंगे और परियोजना की कुल लागत 13 हजार 37 करोड़ रुपये से अधिक है। इस परियोजना का क्रियान्वयन राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जो भारत सरकार और राजस्थान सरकार की 50ः50 साझेदारी वाली संयुक्त कंपनी है।
यह फेज-2 कॉरिडोर सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, वीकेआईए, जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल और स्टेडियम, कलेक्ट्रेट, रेलवे स्टेशन, अंबाबाड़ी तथा विद्याधर नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस परियोजना में एयरपोर्ट क्षेत्र में भूमिगत स्टेशन भी शामिल होंगे जिससे शहर में एकीकृत और निरंतर मेट्रो नेटवर्क सुनिश्चित होगा।
12 किमी. के पहले पैकेज का एलओए जारी-
उल्लेखनीय है कि जयपुर में फेज-1 के तहत उत्तर-पश्चिम कॉरिडोर पर मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक 11.64 किलोमीटर लंबी मेट्रो सेवा संचालित है, जिसमें 11 स्टेशन हैं। प्रस्तावित फेज-2 उत्तर-दक्षिण दिशा में इस नेटवर्क को और विस्तार देगा। केन्द्रीय केबिनेट से मंजूरी के बाद जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड ने परियोजना के फेज-2 के पहले पैकेज में 918.04 करोड़ से अधिक की लागत के कार्यों के लिए एलओए (स्वीकृति पत्र) जारी कर दिया है। इसमें प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक के 12 किलोमीटर के कॉरिडोर के लिए एलिवेटेड वायाडक्ट और 10 एलिवेटेड स्टेशन (प्रहलादपुरा, मानपुरा, बीलवा कलां, बीलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट और पिंजरापोल गोशाला) का डिजाइन एवं निर्माण पूर्ण किया जाएगा। इसके साथ ही जयपुर मेट्रो फेज-2 के डिपो की ओर जाने वाली स्पर लाइन का निर्माण भी किया जाएगा।
इस परियोजना के साकार होने से जयपुर शहर में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। जिससे एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैण्ड पर संबंधित परिवहन साधनों एवं मेट्रो सुविधा का एकीकरण सुनिश्चित होगा। साथ ही, जयपुर मेट्रो फेज-2 के तहत चाकसू एवं चौमूं सहित आस-पास के कस्बों को निकटतम प्रहलादपुरा और टोड़ी स्टेशनों से जोड़ने के लिए बसें चलाने की योजना भी बनाई जाएगी।
वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 50 हजार लोग जयपुर मेट्रो में यात्रा कर रहे हैं। मेट्रो फेज-2 के पूर्ण होने के बाद प्रतिदिन यह संख्या बढ़कर लगभग 2.5 लाख यात्री तथा आगामी वर्षों में बढ़कर 4 लाख से अधिक होने की संभावना है।
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