शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल ने किया शुभारंभ, राजीविका की ब्रांड एम्बेसडर श्रीमती रूमा देवी ने बढ़ाया महिला उद्यमियों का उत्साह
जयपुर। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) की ओर से ‘राजीविका राखी मेला-2026’ का मंगलवार को शासन सचिवालय परिसर, जयपुर में भव्य शुभारंभ हुआ। शासन सचिव ग्रामीण विकास विभाग श्री कृष्ण कुणाल ने मेले का शुभारंभ किया।
रक्षाबंधन के पावन पर्व को महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण आजीविका से जोड़ते हुए आयोजित यह मेला 18 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक शासन सचिवालय परिसर में चलेगा। मेले में प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा अपने हुनर और मेहनत से तैयार की गई हस्तनिर्मित राखियों, स्नेह भरे उपहारों तथा विविध हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक एवं स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जा रही है।
राखी के धागों में महिलाओं के सपनों और आत्मनिर्भरता की कहानी—
मेले में एसएचजी महिलाओं द्वारा तैयार की गई आकर्षक हस्तनिर्मित राखियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन राखियों में प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता, स्थानीय कला और पारंपरिक हुनर की झलक देखने को मिल रही है। महिलाओं ने राखियों को आकर्षक रूप देने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल सामग्री और स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर भी जोर दिया है।
राखी के इन धागों में केवल भाई-बहन के प्रेम का संदेश ही नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता, आर्थिक सशक्तीकरण और स्वाभिमान की कहानी भी जुड़ी है। प्रत्येक खरीदारी इन महिलाओं के हुनर को प्रोत्साहन देने के साथ उनकी आजीविका को मजबूत करने में योगदान देगी।
हस्तशिल्प से ऑर्गेनिक उत्पादों तक, मेले में विविध उत्पाद—
मेले में हस्तनिर्मित राखियों के साथ-साथ पूजा थाली, पेपर बैग, क्रोशिया उत्पाद, एप्लिक वर्क, वॉल हैंगिंग, टेक्सटाइल एवं बांधेज उत्पाद, हैंड ब्लॉक प्रिंटेड वस्त्र, लकड़ी के उत्पाद, होम डेकोर, रेजिन उत्पाद, गुलाब से बने उत्पाद, हर्बल साबुन, हर्बल उत्पाद तथा लाख की चूड़ियों सहित अनेक आकर्षक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
इसके अलावा ऑर्गेनिक लड्डू, बाजरा एवं अन्य मिलेट से बने कुकीज़, चिड़ावा पेड़ा और ड्राई फ्रूट लड्डू जैसे पारंपरिक एवं पौष्टिक खाद्य उत्पाद भी मेले में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आगंतुकों के लिए हाथ से बनी राखियों के साथ कई अन्य आकर्षक उत्पाद भी उपलब्ध हैं। इस प्रकार यह मेला राजस्थान की विविध लोक कलाओं, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और ग्रामीण उद्यमिता को एक ही मंच पर प्रस्तुत कर रहा है।
12 जिलों की एसएचजी महिलाओं ने लिया भाग—
मेले में अजमेर, बाड़मेर, बूंदी, चूरू, जयपुर, झुंझुनूं, जोधपुर, झालावाड़, करौली, पाली, भीलवाड़ा और राजसमंद जिलों से आईं एसएचजी महिलाओं ने भाग लिया है। महिला समूह अपने-अपने क्षेत्रों की पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय उत्पादों को लेकर मेले में पहुंचे हैं। इससे प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की कला और संस्कृति को राजधानी में व्यापक मंच मिल रहा है तथा महिला समूहों को सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
श्रीमती रूमा देवी ने बढ़ाया एसएचजी बहनों का हौसला—
राजीविका की ब्रांड एम्बेसडर श्रीमती रूमा देवी ने मेले में पहुंचकर एसएचजी महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया तथा महिला उद्यमियों से संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने महिलाओं के उत्पादों की सराहना करते हुए उन्हें गुणवत्ता, नवाचार और बेहतर बाजार उपलब्धता के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
हस्तनिर्मित राखियों के साथ ऑर्गेनिक और स्थानीय उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र—
राखी मेले में हस्तनिर्मित राखियों के साथ एसएचजी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न ऑर्गेनिक, ग्रामीण एवं स्थानीय उत्पाद भी उपलब्ध हैं। मेले के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने और बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
राजीविका का यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को उत्पादन से बाजार तक की पूरी श्रृंखला से जोड़कर उनकी आय और आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता को भी मजबूती मिल रही है।
हस्तनिर्मित राखियां खरीदें, एसएचजी बहनों का हौसला बढ़ाएं—
राजीविका की ओर से अपील की गई है कि इस रक्षाबंधन पर बाजार में उपलब्ध सामान्य उत्पादों के साथ-साथ एसएचजी बहनों द्वारा मेहनत और हुनर से तैयार हस्तनिर्मित राखियों एवं ऑर्गेनिक तथा स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। आपकी प्रत्येक खरीदारी ग्रामीण महिला उद्यमिता को मजबूती देने और किसी परिवार की आजीविका में योगदान करने का माध्यम बन सकती है।
18 से 21 अगस्त 2026 तक शासन सचिवालय परिसर में आयोजित राजीविका राखी मेला-2026 केवल खरीदारी का मंच नहीं, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के हुनर, पारंपरिक कला, स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण का उत्सव है।
इस अवसर पर आयुक्त, ई.जी.एस, राजस्थान श्रीमती पुष्पा सत्यानी, राज्य मिशन निदेशक, राजीविका, श्रीमती प्रियंका गोस्वामी, आयुक्त, राजस्थान फाउंडेशन, डॉ. मनीष अरोड़ा, मुख्य परिचालन प्रबंधक राजीविका श्रीमती विनीता सिंह एवं परियोजना निदेशक (प्रशासन), राजीविका श्रीमती प्रीति सिंह भी उपस्थित रहे। मेले में राजीविका की ब्रांड एम्बेसडर श्रीमती रूमा देवी भी मौजूद रहीं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।
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