घरेलू सर्राफा बाजार में एक बार फिर सोना और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। ताजा कारोबार में चांदी की कीमत ₹5,059 की बढ़त के साथ ₹2.22 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई, जबकि 24 कैरेट सोना ₹2,038 महंगा होकर ₹1.42 लाख के पार चला गया है। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों और ग्राहकों दोनों की चिंता और दिलचस्पी बढ़ा दी है।
चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड स्तर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई तेजी के पीछे वैश्विक मांग में बढ़ोतरी और औद्योगिक उपयोग में वृद्धि मुख्य कारण हैं। ताजा उछाल के बाद चांदी ₹2.22 लाख प्रति किलो के नए स्तर पर पहुंच गई है, जो हाल के महीनों में सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर इंडस्ट्री में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ रहा है।
सोना भी लगातार महंगा
इसी दौरान 24 कैरेट सोने की कीमत में भी तेजी जारी है। सोना ₹2,038 की बढ़त के साथ ₹1.42 लाख के पार पहुंच गया है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोना लगभग ₹9,000 महंगा हो चुका है, जिससे यह लगातार निवेशकों के लिए आकर्षक लेकिन महंगा विकल्प बनता जा रहा है।
कीमतों में तेजी के पीछे क्या कारण?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ने के कारण सोना-चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव भी इस बढ़त को और बढ़ावा दे रहे हैं।
निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद निवेशकों का रुझान सोना और चांदी की ओर बना हुआ है। कई लोग इसे सुरक्षित निवेश (safe haven) मानते हैं और लंबे समय के लिए इसमें निवेश कर रहे हैं।
आगे क्या रुख हो सकता है?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सोना और चांदी दोनों में मजबूत रुझान बना रह सकता है।
निष्कर्ष
सोना और चांदी की कीमतों में आई यह तेज उछाल जहां एक ओर निवेशकों के लिए अवसर लेकर आया है, वहीं आम खरीदारों के लिए यह चिंता का कारण भी बन रहा है। लगातार बढ़ती कीमतें आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।








