Explore

Search

June 29, 2026 3:43 pm

दिल्ली में 600 करोड़ का हेल्थ घोटाला उजागर, ORS और बेडशीट खरीद में भारी कमीशनखोरी, पूर्व DGHS गिरफ्तार

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

राजधानी दिल्ली में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें करीब 600 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पतालों के लिए खरीदी जाने वाली जरूरी मेडिकल सामग्री जैसे ORS, बेडशीट, दवाइयां और अन्य उपकरणों की खरीद में भारी स्तर पर कमीशनखोरी और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई। इस मामले में पूर्व डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

ORS और बेडशीट की खरीद में बड़ा खेल

जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों के लिए खरीदे गए ORS पैकेट, बेडशीट और अन्य मेडिकल सामान की कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी की गई। कई वस्तुओं को बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दाम पर खरीदा गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ मामलों में कीमतों में 200% से 500% तक की बढ़ोतरी पाई गई है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया को कुछ खास कंपनियों के पक्ष में तैयार किया गया, जिससे प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई और मनमाने दामों पर खरीदारी हुई।

पूर्व DGHS समेत दो गिरफ्तार

इस घोटाले के सिलसिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व DGHS समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों से पूछताछ जारी है और कई अहम दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और टेंडर फाइलें जब्त की गई हैं।

जांच एजेंसियों का कहना है कि यह पूरा मामला एक संगठित नेटवर्क के तहत चलाया जा रहा था, जिसमें सरकारी अधिकारियों और निजी सप्लायर्स की मिलीभगत की आशंका है।

बैंक खातों और टेंडर प्रक्रिया की जांच तेज

एजेंसियां अब आरोपियों के बैंक खातों, कंपनियों के वित्तीय लेन-देन और टेंडर दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि घोटाले से मिले पैसे का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया।

अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल

इस घोटाले के सामने आने के बाद दिल्ली की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और खरीद प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की अनियमितताएं सीधे आम जनता की स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करती हैं।

निष्कर्ष

600 करोड़ रुपये के इस कथित हेल्थ घोटाले ने प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर