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June 18, 2026 6:11 pm

किडनी कैंसर का बढ़ता खतरा, यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट ने बताए पहचान और बचाव के अहम संकेत

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दुनियाभर में किडनी कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, धूम्रपान, मोटापा और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं इस गंभीर बीमारी के प्रमुख कारण बन रही हैं। वर्ल्ड किडनी कैंसर डे के अवसर पर यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट्स ने लोगों को इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर जांच कराने की सलाह दी है।

क्यों बढ़ रहे हैं किडनी कैंसर के मामले?

विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में किडनी कैंसर के मामलों में वृद्धि के पीछे कई कारण हैं। धूम्रपान, अत्यधिक वजन, हाई ब्लड प्रेशर, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अस्वस्थ खानपान इसके प्रमुख जोखिम कारक माने जाते हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण भी बीमारी का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि आधुनिक जांच तकनीकों के कारण भी अब अधिक मामलों का पता चल रहा है, जिससे आंकड़ों में वृद्धि दिखाई दे रही है।

किडनी कैंसर के शुरुआती लक्षण

किडनी कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते। हालांकि कुछ संकेत ऐसे हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

  • पेशाब में खून आना
  • कमर या पीठ के एक तरफ लगातार दर्द रहना
  • पेट या कमर के आसपास गांठ महसूस होना
  • बिना कारण वजन कम होना
  • लगातार थकान और कमजोरी
  • भूख कम लगना
  • बार-बार बुखार आना

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इनमें से कोई लक्षण लंबे समय तक बना रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

समय पर पहचान क्यों जरूरी है?

डॉक्टरों के अनुसार, शुरुआती अवस्था में किडनी कैंसर का पता चलने पर इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। कई मामलों में सर्जरी या अन्य आधुनिक उपचारों की मदद से रोगी पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकता है।

कैसे करें बचाव?

यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट्स ने किडनी कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

  • धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाएं
  • वजन को नियंत्रित रखें
  • नियमित व्यायाम करें
  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें
  • रक्तचाप को नियंत्रित रखें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
  • नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें

जागरूकता है सबसे बड़ा हथियार

विशेषज्ञों का मानना है कि किडनी कैंसर के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लोग यदि शुरुआती संकेतों को पहचान लें और समय पर चिकित्सा सलाह लें, तो गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

निष्कर्ष

किडनी कैंसर एक गंभीर लेकिन शुरुआती पहचान और सही इलाज से काफी हद तक नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित जांच कराकर और शरीर के संकेतों पर ध्यान देकर इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। वर्ल्ड किडनी कैंसर डे का उद्देश्य भी लोगों को इसी दिशा में जागरूक करना है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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