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August 2, 2026 4:34 pm

‘चायवालाज’ स्टार्टअप के संस्थापक रोहित शर्मा ने उठाया खौफनाक कदम, घर में फांसी लगाकर दी जान

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राजस्थान के दौसा जिले में चर्चित युवा उद्यमी और ‘चायवालाज’ स्टार्टअप के संस्थापक 30 वर्षीय रोहित शर्मा ने शनिवार दोपहर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। साकेत कॉलोनी स्थित उनके निवास पर परिवार के सदस्यों ने दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने पर रोहित को कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया। उन्हें तुरंत नीचे उतारकर दौसा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कोतवाली पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, घटना शनिवार दोपहर की है। परिवार के सदस्यों ने जब कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया और कोई जवाब नहीं मिला तो अनहोनी की आशंका में दरवाजा तोड़ा। अंदर रोहित शर्मा फंदे से लटके मिले। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और फिलहाल आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। जांच जारी है।

रोहित शर्मा की संघर्षपूर्ण यात्रा

रोहित शर्मा दौसा के रहने वाले थे। उन्होंने महज 17 वर्ष की आयु में नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान ही अपना स्टार्टअप शुरू कर दिया था। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के बाद उन्होंने जयपुर के मानसरोवर स्थित शिप्रा पथ पर ‘चायवालाज’ नाम से अपना पहला चाय कैफे खोला। धीरे-धीरे उन्होंने जयपुर समेत विभिन्न शहरों में कुल सात आउटलेट्स खोल लिए। साल 2022 में ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम द्वारा आयोजित नेशनल एमएसएमई अवॉर्ड्स में उन्हें बिजनेस एक्सीलेंस श्रेणी में ‘इनोवेटिव स्टार्टअप ऑफ द ईयर’ का पुरस्कार मिला था।

रोहित सिर्फ बिजनेस तक सीमित नहीं थे। वे दौसा में मिशन हेल्पलाइन चलाकर समाज सेवा भी करते थे। वर्ष 2024 के दौसा विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भी दाखिल किया था।

अध्यात्म की राह और अंतिम दिन

करीब छह महीने पहले रोहित शर्मा ने अचानक अपने सभी सात ‘चायवालाज’ कैफे बंद कर दिए और अध्यात्म की राह चुन ली। इस दौरान वे कई धार्मिक स्थलों पर जाते दिखे। परिवार और परिचितों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से वे मानसिक तनाव से जूझ रहे थे, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है।

रोहित के पिता हितेंद्र मोहन शर्मा दौसा में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उनकी पत्नी एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका हैं और दोनों का सात वर्षीय बेटा है। परिवार इस दुखद घटना से पूरी तरह स्तब्ध है।

पुलिस जांच में जुटी हुई है और आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने न सिर्फ दौसा बल्कि पूरे राजस्थान के युवा उद्यमियों के बीच शोक की लहर दौड़ा दी है। एक सफल स्टार्टअप खड़ा करने वाले युवा उद्यमी का इस तरह असमय अंत सभी के लिए सदमा है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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