जयपुर। यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट (UEM), जयपुर ने अपने हरे-भरे कैंपस में बड़े उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। NSS प्रोग्राम ऑफिसर और फिजिकल एजुकेशन के डायरेक्टर प्रो. डॉ. बी. एस. यादव की देखरेख में आयोजित पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में फैकल्टी सदस्यों, स्टाफ और छात्रों सहित 100 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम नेशनल सर्विस स्कीम (NSS), उन्नत भारत अभियान (UBA), इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) स्टूडेंट चैप्टर और UEM जयपुर के ग्रीन क्लब द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:15 बजे एक जागरूकता सत्र के साथ हुई, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, सस्टेनेबल जीवन-शैली, जैव-विविधता संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की रक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

इस उत्सव की एक मुख्य विशेषता यूनिवर्सिटी कैंपस के विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान था। छात्रों, फैकल्टी सदस्यों और स्टाफ सदस्यों द्वारा लगभग 100 पौधे लगाए गए, जिससे ग्रीन कवर बढ़ाने और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के प्रति यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता फिर से जाहिर हुई। एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के तहत, गर्मियों के मौसम में पक्षियों को पीने का पानी उपलब्ध कराने और शहरी वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के लिए कैंपस में उपयुक्त स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी के लगभग 50 बर्तन लगाए गए।
उत्सव में कैंपस की सफाई और स्वच्छता अभियान भी शामिल था, जिसके दौरान प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यूनिवर्सिटी परिसर के विभिन्न क्षेत्रों की सफाई की। इस गतिविधि में स्वच्छता, कचरे के उचित प्रबंधन, पर्यावरणीय स्वच्छता और सस्टेनेबल तौर-तरीकों के महत्व पर जोर दिया गया। यूनिवर्सिटी समुदाय की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ व हरित भविष्य के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी के बारे में अधिक जागरूकता पैदा करने में मदद की।
इस अवसर पर UEM जयपुर के वाइस-चांसलर प्रो. डॉ. बिस्वजॉय चटर्जी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान पर्यावरणीय जागरूकता और सस्टेनेबल विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्रों, फैकल्टी सदस्यों और स्टाफ की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि ऐसी पहल पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में मदद करती हैं।
UEM जयपुर के रजिस्ट्रार और प्रोवोस्ट प्रो. डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि यूनिवर्सिटी का हरा-भरा कैंपस सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
NSS प्रोग्राम ऑफ़िसर और फ़िज़िकल एजुकेशन के डायरेक्टर प्रो. डॉ. बी. एस. यादव ने प्रतिभागियों से मिले उत्साहपूर्ण रिस्पॉन्स पर खुशी जताई। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संरक्षण की हर कोशिश, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो, पर्यावरण की रक्षा और एक टिकाऊ भविष्य बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
UEM जयपुर में उन्नत भारत अभियान (UBA) के कोऑर्डिनेटर प्रो. दीप्ता मुखर्जी ने बताया कि पर्यावरण की स्थिरता का सीधा संबंध समुदाय के विकास से है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल छात्रों और नागरिकों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार आदतें अपनाने और देश के टिकाऊ विकास लक्ष्यों में योगदान देने के लिए प्रेरित करती हैं।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जैव-विविधता की रक्षा, कचरा कम करने और पर्यावरण की स्थिरता में सक्रिय रूप से योगदान देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। UEM जयपुर NSS यूनिट, UBA सेल, IGBC स्टूडेंट चैप्टर, ग्रीन क्लब, फ़ैकल्टी सदस्यों, स्टाफ़ और छात्रों का आभार व्यक्त करता है, जिनकी सामूहिक कोशिशों से ‘विश्व पर्यावरण दिवस 2026’ का आयोजन एक हरे-भरे और साफ़-सुथरे भविष्य की दिशा में एक सार्थक और सफल पहल बन सका।








