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April 1, 2026 3:51 pm

1 अप्रैल से खत्म! चीन के CCTV कैमरे भारत से बाहर, STQC सर्टिफिकेशन न पास करने पर पूरी रोक

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नई दिल्ली, 1 अप्रैल 2026 — आज से भारत में एक बड़ा बदलाव हो गया है। केंद्र सरकार ने इंटरनेट से जुड़े CCTV कैमरों पर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। Hikvision, Dahua, TP-Link समेत कई चीनी कंपनियों के इंटरनेट कनेक्टेड CCTV कैमरे अब भारत में नहीं बिक सकेंगे।

Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) के STQC (Standardisation Testing and Quality Certification) फ्रेमवर्क के तहत नए ER-01 नियम आज से पूरी तरह लागू हो गए हैं। दो साल का ट्रांजिशन पीरियड खत्म होने के बाद बिना STQC सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री गैर-कानूनी हो गई है।

सरकार चीनी मूल के System-on-Chip (SoC), फर्मवेयर या कंपोनेंट्स वाले कैमरों को सर्टिफिकेशन देने से इनकार कर रही है। इसका मतलब है कि Hikvision और Dahua जैसे दिग्गज ब्रांड्स, जो पहले भारत के CCTV मार्केट में करीब एक-तिहाई हिस्सा रखते थे, अब प्रभावी रूप से बाहर हो गए हैं।

क्यों लिया सरकार ने यह फैसला?

मुख्य वजह राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर जासूसी का खतरा है।

  • चीनी कैमरों में डेटा चोरी, रिमोट एक्सेस और अनधिकृत सर्विलांस की आशंका बनी रहती है।
  • ये कैमरे चीन सरकार से जुड़ी कंपनियों द्वारा बनाए जाते हैं, जिससे डेटा लीक होकर विदेशी ताकतों तक पहुंचने का खतरा रहता है।
  • नए नियमों में कंपनियों को क्रिटिकल कंपोनेंट्स (जैसे SoC) का देश-मूल बताना अनिवार्य है और भारतीय लैब में सख्त टेस्टिंग के बाद ही सर्टिफिकेट मिलता है।
  • अब तक 507 CCTV मॉडल्स को STQC सर्टिफिकेशन मिल चुका है, लेकिन ज्यादातर चीनी ब्रांड्स इसमें फेल हो गए या प्रमाणित नहीं किए गए।

किस पर पड़ेगा असर?

  • नई खरीदारी: आज से चीनी ब्रांड्स के नए इंटरनेट कनेक्टेड कैमरे दुकानों पर नहीं मिलेंगे।
  • पुराने कैमरे: जो पहले से लगे हुए हैं, उन्हें तुरंत हटाने की जरूरत नहीं है, लेकिन तकनीकी सपोर्ट, अपडेट और वारंटी प्रभावित हो सकती है। भविष्य में और सख्ती हो सकती है।
  • मार्केट में बदलाव: भारतीय कंपनियां जैसे CP Plus, Qubo, Prama, Matrix, Sparsh और कुछ ताइवान/अन्य देशों के चिप्स इस्तेमाल करने वाले ब्रांड्स को बड़ा बूस्ट मिलेगा। घर, दुकान, ऑफिस, सरकारी इमारतों और पब्लिक प्लेस में अब लोकल और सर्टिफाइड ब्रांड्स का दबदबा बढ़ेगा।
  • कीमतों पर असर: शुरुआत में कुछ महंगाई हो सकती है, लेकिन लंबे समय में भारतीय मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से कीमतें स्थिर हो सकती हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे चीनी सामान पर निर्भरता कम होगी और भारतीय कंपनियां नई टेक्नोलॉजी और जॉब्स पैदा करेंगी। हालांकि, छोटे रिटेलर्स और इंस्टॉलर्स को शुरुआत में सप्लाई चेन में दिक्कत हो सकती है।

सरकार ने साफ कहा है कि सभी ब्रांड्स (चीनी या गैर-चीनी) को STQC नियमों का पालन करना होगा, लेकिन चीनी चिप्स और फर्मवेयर वाले प्रोडक्ट्स को मंजूरी नहीं मिल रही।

आम उपभोक्ताओं के लिए सलाह:

  • नया CCTV खरीदते समय STQC सर्टिफाइड प्रोडक्ट ही चुनें।
  • ब्रांड की वेबसाइट या MeitY/STQC पोर्टल पर सर्टिफिकेशन चेक करें।
  • पुराने चीनी कैमरे इस्तेमाल कर रहे हैं तो डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड, अलग नेटवर्क और नियमित अपडेट रखें।

यह फैसला 2024 में शुरू हुए ER नियमों का नतीजा है, जो साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। चीन के CCTV पर लगी यह रोक भारत की बढ़ती डिजिटल सतर्कता को दर्शाती है, खासकर जब वैश्विक स्तर पर साइबर खतरे बढ़ रहे हैं।

अभी देखना बाकी है कि चीनी कंपनियां इस फैसले के खिलाफ क्या कदम उठाती हैं या भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग शुरू करती हैं या नहीं।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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