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August 26, 2026 6:08 pm

6 महीने में राजस्थान पहुंचे 10.92 करोड़ पर्यटक! विदेशियों की पहली पसंद जयपुर, घरेलू टूरिस्ट ने सीकर-चित्तौड़गढ़-जैसलमेर को चुना

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जयपुर। राजस्थान में पर्यटन को लेकर एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। साल के शुरुआती छह महीनों में प्रदेश में करीब 10.92 करोड़ पर्यटकों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इनमें घरेलू और विदेशी दोनों तरह के पर्यटक शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पर्यटकों के बीच जयपुर सबसे ज्यादा पसंद किया गया, जबकि घरेलू पर्यटकों ने सीकर, चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर जैसे शहरों और पर्यटन स्थलों का रुख अधिक किया।

राजस्थान लंबे समय से अपने ऐतिहासिक किलों, महलों, रेगिस्तानी इलाकों, धार्मिक स्थलों और लोक संस्कृति के कारण देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। नए आंकड़े प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

6 महीने में करोड़ों पर्यटकों की आमद

राजस्थान में जनवरी से जून तक बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। 10.92 करोड़ पर्यटकों का आंकड़ा प्रदेश के पर्यटन उद्योग की व्यापक पहुंच को दर्शाता है।

पर्यटन से जुड़े कारोबार में होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, स्थानीय गाइड, हस्तशिल्प, कपड़ा और अन्य छोटे-बड़े व्यवसाय सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े होते हैं। ऐसे में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद रहती है।

विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बना जयपुर

विदेशी पर्यटकों के बीच राजस्थान की राजधानी जयपुर खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गुलाबी शहर के नाम से मशहूर जयपुर अपने ऐतिहासिक महलों, किलों, हवेलियों, बाजारों और राजस्थानी संस्कृति के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।

आमेर किला, सिटी पैलेस, हवा महल, जंतर-मंतर और पुराने शहर की वास्तुकला विदेशी पर्यटकों को खास तौर पर आकर्षित करती है। इसके अलावा जयपुर की पारंपरिक कला, आभूषण, कपड़े और स्थानीय खान-पान भी पर्यटकों के अनुभव को खास बनाते हैं।

जयपुर की कनेक्टिविटी और राज्य के दूसरे पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंच भी इसे विदेशी सैलानियों के लिए महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन बनाती है।

घरेलू पर्यटकों को भाए सीकर, चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर

जहां विदेशी पर्यटकों की पसंद में जयपुर आगे रहा, वहीं घरेलू पर्यटकों ने अलग-अलग पर्यटन स्थलों का रुख किया। सीकर, चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर घरेलू सैलानियों के बीच खास आकर्षण वाले स्थानों में शामिल रहे।

सीकर में धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन की अपनी पहचान है। शेखावाटी क्षेत्र की हवेलियां और पारंपरिक स्थापत्य भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

वहीं चित्तौड़गढ़ अपने ऐतिहासिक किले और मेवाड़ की विरासत के लिए प्रसिद्ध है। चित्तौड़गढ़ का विशाल किला राजस्थान के इतिहास और स्थापत्य की महत्वपूर्ण पहचान माना जाता है।

जैसलमेर का रेगिस्तानी आकर्षण

घरेलू पर्यटकों के बीच जैसलमेर भी खास पसंद बना हुआ है। गोल्डन सिटी के नाम से प्रसिद्ध जैसलमेर अपने पीले बलुआ पत्थर से बने किले, हवेलियों और थार के रेगिस्तान के लिए जाना जाता है।

सम के रेतीले धोरों में पर्यटक रेगिस्तानी सफारी और स्थानीय संस्कृति का अनुभव लेने पहुंचते हैं। जैसलमेर का किला और पारंपरिक हवेलियां भी पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा केंद्र हैं।

पर्यटन से स्थानीय कारोबार को फायदा

पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर सिर्फ बड़े होटल और पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं रहता। स्थानीय दुकानदार, हस्तशिल्प कारोबारी, टैक्सी चालक, टूर गाइड, छोटे होटल और रेस्टोरेंट संचालक भी इससे लाभान्वित होते हैं।

राजस्थान की पहचान यहां की बंधेज, लहरिया, हस्तशिल्प, आभूषण, चमड़े के सामान और पारंपरिक कला से भी जुड़ी हुई है। पर्यटक इन चीजों की खरीदारी करते हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को बाजार मिलता है।

धार्मिक और विरासत पर्यटन का भी बढ़ा महत्व

राजस्थान में धार्मिक पर्यटन भी तेजी से महत्वपूर्ण हो रहा है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में मंदिरों, तीर्थस्थलों और धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इसके साथ ही किले, महल, हवेलियां और ऐतिहासिक स्थल राजस्थान के विरासत पर्यटन की पहचान हैं। विदेशी पर्यटकों के लिए जहां राजस्थानी इतिहास और वास्तुकला आकर्षण का केंद्र है, वहीं घरेलू पर्यटक धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन का मिश्रित अनुभव पसंद करते हैं।

पर्यटन क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत

छह महीने में 10.92 करोड़ पर्यटकों की आमद राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र के लिए अहम मानी जा रही है। प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग के सामने अब चुनौती पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ सुविधाओं को बेहतर बनाने की है।

पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई, बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, डिजिटल सुविधाएं और पर्यटकों को सही जानकारी उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाएं पर्यटन अनुभव को बेहतर बना सकती हैं।

राजस्थान की अलग-अलग पहचान बनी ताकत

राजस्थान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां हर क्षेत्र की अपनी अलग पर्यटन पहचान है। जयपुर की शाही विरासत, चित्तौड़गढ़ का इतिहास, जैसलमेर का रेगिस्तान, उदयपुर की झीलें, जोधपुर के किले और शेखावाटी की हवेलियां पर्यटकों को अलग-अलग तरह के अनुभव देती हैं।

इसी विविधता के कारण प्रदेश देशी और विदेशी दोनों तरह के पर्यटकों को आकर्षित करता है।

छह महीने में 10.92 करोड़ पर्यटकों की आमद और विदेशी सैलानियों के बीच जयपुर की लोकप्रियता राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र की मजबूत स्थिति को दिखाती है। वहीं सीकर, चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर जैसे शहरों की घरेलू पर्यटकों के बीच बढ़ती पसंद इस बात का संकेत है कि राजस्थान में पर्यटन अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान भी सैलानियों को अपनी ओर खींच रही है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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