Explore

Search

October 6, 2026 7:24 pm

राहुल गांधी के दौरे में खुला बड़ा राज! सरकारी रिकॉर्ड से गायब थीं 4 बच्चों की मौतें, स्वास्थ्य विभाग में मची हलचल

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी बहुल इलाके में बच्चों की मौत का मामला अब सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी दावों के बीच अंतर को लेकर चर्चा में है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जगला गांव दौरे के दौरान मृत बच्चों के परिवारों से मुलाकात के बाद यह मुद्दा और प्रमुखता से सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक, गांव में चार बच्चों की मौत हुई थी, लेकिन इन मौतों का सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने का दावा किया गया है।

राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट के जगला गांव पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। बच्चों की मौत, स्वास्थ्य सुविधाओं और आदिवासी इलाकों में कुपोषण से जुड़े सवाल इस दौरे के केंद्र में रहे।

सरकारी रिकॉर्ड को लेकर उठे सवाल

जगला गांव से सामने आए मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन चार बच्चों की मौत का दावा स्थानीय स्तर पर किया गया, उनके नाम प्रशासनिक रिकॉर्ड में क्यों नहीं दिखाई दिए। कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, बच्चों की मौत के कारण और उनकी आधिकारिक स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, इसलिए पूरे मामले की तथ्यात्मक तस्वीर आधिकारिक जांच और रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।

रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय विधायक संजय उइके ने बच्चों की मौत का आंकड़ा इससे भी अधिक होने का दावा किया है। दूसरी ओर, सरकारी स्तर पर बच्चों की मौत और उनके कारणों को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है।

राहुल गांधी ने परिवारों से की मुलाकात

राहुल गांधी के बालाघाट दौरे का मुख्य केंद्र जगला गांव रहा, जहां उन्होंने मृत बच्चों के परिजनों से बातचीत की। इस दौरान परिवारों ने अपनी समस्याएं और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी परेशानियां उनके सामने रखीं। रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी ने इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं, कुपोषण और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल हैं। वहीं, राज्य सरकार की ओर से राहुल गांधी के दौरे और उनके आरोपों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ऐसे में यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बन गया है।

स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी नजर

चार बच्चों की मौत के रिकॉर्ड में कथित तौर पर दर्ज नहीं होने के मामले ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और मृत्यु संबंधी आंकड़ों की रिपोर्टिंग पर सवाल खड़े किए हैं। भारत में मृत्यु और मृत्यु के कारणों की जानकारी दर्ज करने के लिए निर्धारित व्यवस्थाएं मौजूद हैं।

अब स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया जाना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित बच्चों की मौत की जानकारी किन रिकॉर्ड में दर्ज थी, मौतों के कारण क्या थे और आधिकारिक आंकड़ों में उनका उल्लेख क्यों नहीं दिखाई दिया। इससे यह भी साफ हो सकेगा कि मामला रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया में हुई चूक का है या आंकड़ों को लेकर किसी अन्य वजह से अंतर पैदा हुआ।

बालाघाट में बच्चों की मौत का मुद्दा बना बड़ा सवाल

बालाघाट के बैगा आदिवासी इलाकों में बच्चों की मौत का मुद्दा पिछले कुछ समय से चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक, कई बच्चों की मौत को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य शिविर जैसी गतिविधियां भी की गई हैं।

फिलहाल चार बच्चों की मौत का सरकारी रिकॉर्ड में कथित तौर पर दर्ज नहीं होना इस पूरे मामले का अहम पहलू बन गया है। राहुल गांधी के दौरे के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हुई है। अब निगाहें प्रशासन की जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड पर हैं, जिससे मौतों की वास्तविक संख्या, कारण और सरकारी दस्तावेजों में उनकी स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर