मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन इन दिनों अपने एक राखी स्पेशल विज्ञापन को लेकर चर्चा में हैं। विज्ञापन में उनके पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए और देखते ही देखते मामला विवाद में बदल गया। ट्रोलिंग और आलोचनाओं के बीच अब यह विज्ञापन हटाए जाने की खबर सामने आई है। इस पूरे विवाद के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृति सेनन के समर्थन में प्रतिक्रिया दी थी।
राखी के विज्ञापन को लेकर क्यों हुआ विवाद?
दरअसल, कृति सेनन एक ब्रांड के राखी से जुड़े विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया के एक वर्ग ने उनके कपड़ों और विज्ञापन की प्रस्तुति को लेकर आपत्ति जताई।
कुछ यूजर्स ने इसे भारतीय त्योहार की भावना और पारिवारिक रिश्तों से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि दूसरी ओर कई लोगों ने कृति का समर्थन करते हुए कहा कि किसी विज्ञापन में कलाकार के पहनावे को लेकर इस तरह की ट्रोलिंग उचित नहीं है।
विवाद बढ़ने के बाद विज्ञापन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर दो हिस्सों में बंटी राय
कृति सेनन के इस विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रहीं। कुछ यूजर्स ने विज्ञापन की आलोचना की, जबकि कई लोगों ने इसे लेकर हो रही ट्रोलिंग पर सवाल उठाए।
समर्थन करने वाले लोगों का कहना था कि विज्ञापन को उसके रचनात्मक संदर्भ में देखा जाना चाहिए और किसी कलाकार को उसके कपड़ों के आधार पर निशाना बनाना सही नहीं है।
दूसरी ओर, आलोचकों ने विज्ञापन की थीम और प्रस्तुति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
राहुल गांधी ने किया था कृति का समर्थन
विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृति सेनन के समर्थन में प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही आलोचना को लेकर अपनी राय जाहिर की और एक्ट्रेस के समर्थन में खड़े नजर आए।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। राजनीतिक और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों के बीच भी विज्ञापन को लेकर बहस देखने को मिली।
विवाद के बाद हटाया गया विज्ञापन
अब सामने आई जानकारी के मुताबिक, विवाद के बाद संबंधित विज्ञापन को हटा दिया गया है। हालांकि विज्ञापन हटाए जाने की वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर विज्ञापन के पुराने स्क्रीनशॉट और वीडियो क्लिप को लेकर चर्चाएं जारी हैं। विज्ञापन हटने के बाद भी कृति सेनन का नाम इस विवाद से जुड़ी चर्चाओं में बना हुआ है।
विज्ञापन को लेकर बढ़ी बहस
यह पूरा मामला सिर्फ कृति सेनन के कपड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विज्ञापनों में त्योहारों और पारिवारिक रिश्तों को किस तरह प्रस्तुत किया जाना चाहिए, इस पर भी बहस शुरू हो गई।
रक्षा-बंधन भारत में भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ा प्रमुख त्योहार है। ऐसे में विज्ञापनों में इस रिश्ते की प्रस्तुति को लेकर दर्शकों की संवेदनशीलता स्वाभाविक है। वहीं विज्ञापन जगत से जुड़े लोग अक्सर रचनात्मकता और आधुनिक प्रस्तुति को भी महत्व देते हैं।
कृति सेनन की ओर से क्या कहा गया?
विवाद को लेकर कृति सेनन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया की जानकारी अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आई है। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट और प्रतिक्रियाओं के बजाय आधिकारिक बयान को ही अंतिम माना जाना चाहिए।
फिलहाल चर्चा का केंद्र विज्ञापन का हटना और उसके पहले हुई सोशल मीडिया ट्रोलिंग है।
सोशल मीडिया पर जारी है बहस
विज्ञापन हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ यूजर्स इसे विवाद के बाद ब्रांड का कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग विज्ञापन हटाने के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।
वहीं कृति सेनन के समर्थकों का कहना है कि किसी कलाकार को उसके कपड़ों के लिए लगातार ट्रोल करना सही नहीं है।
कुल मिलाकर, राखी से जुड़े विज्ञापन से शुरू हुआ विवाद अब कृति सेनन, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और विज्ञापन की प्रस्तुति को लेकर बहस का विषय बन गया है। विज्ञापन हटाए जाने के बाद मामला कुछ हद तक शांत होने की उम्मीद है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रियाएं अभी भी जारी हैं।








