जयपुर: राजस्थान के चौमूं इलाके में 27 वर्षीय युवक की मौत के बाद सोशल मीडिया पर सामने आया एक वीडियो पुलिस जांच का अहम आधार बन गया है। मृतक की पहचान झुंझुनूं के बुहाना गांव निवासी विकास कौशिक के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, युवक ने मौत से पहले करीब एक मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसमें उसने अपनी मानसिक परेशानी का जिक्र करते हुए माता-पिता और भाई को जिम्मेदार ठहराया था।
वीडियो सामने आने के बाद परिजनों ने पुलिस को दी सूचना
पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 11 बजे विकास ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया। वीडियो सामने आने के बाद उसके परिजनों को इसकी जानकारी मिली। परिवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत चौमूं पुलिस से संपर्क किया और युवक के बारे में जानकारी दी।
परिजनों की सूचना के बाद पुलिस युवक की तलाश और उसकी स्थिति का पता लगाने में जुट गई। हालांकि, कुछ समय बाद चौमूं इलाके में रेलवे ट्रैक के पास युवक के होने की जानकारी मिली और पुलिस को उसकी मौत की सूचना मिली।
चौमूं में रेलवे ट्रैक के पास हुई मौत
पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के करीब आधे घंटे बाद विकास चौमूं के पाच्यांवाली ढाणी अंडरपास के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचा। इसके बाद वह ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए चौमूं सीएचसी की मॉर्च्युरी में रखवाया।
विकास चौमूं क्षेत्र के एक होटल में नौकरी करता था। उसकी मौत की खबर परिवार तक पहुंचने के बाद घर में मातम छा गया। पुलिस अब उसकी मौत से पहले की परिस्थितियों को समझने के लिए उपलब्ध जानकारी जुटा रही है।
वीडियो में लगाए आरोपों की भी होगी जांच
पुलिस ने वीडियो को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो में युवक ने अपनी मानसिक स्थिति और परिवार से जुड़े कुछ आरोपों का जिक्र किया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वीडियो में लगाए गए आरोपों को फिलहाल अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि युवक किन परिस्थितियों से गुजर रहा था और उसके द्वारा परिवार के सदस्यों पर लगाए गए आरोपों के पीछे वास्तविक वजह क्या थी। पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर रही है।
परिवार से भी जुटाई जाएगी जानकारी
पुलिस मामले में युवक के परिवार और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से जानकारी जुटा सकती है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या युवक किसी पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानी या किसी अन्य समस्या से गुजर रहा था।
पुलिस युवक के सोशल मीडिया पोस्ट और उपलब्ध डिजिटल जानकारी को भी जांच के दायरे में ले सकती है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि घटना से पहले उसके जीवन में क्या परिस्थितियां चल रही थीं और वीडियो में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है।
पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार को सौंपे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों को एकत्र कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और वीडियो में लगाए गए आरोपों का क्या आधार था।
पुलिस की जांच में सामने आएगा पूरा सच
फिलहाल इस मामले में सबसे अहम कड़ी युवक का मौत से पहले रिकॉर्ड किया गया वीडियो है। पुलिस इसी वीडियो के आधार पर मामले की परिस्थितियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। साथ ही परिवार की शिकायत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच जरूरी है। वीडियो में लगाए गए आरोपों की पुष्टि और घटना से पहले युवक की परिस्थितियों की पड़ताल के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।








