जयपुर। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। तेज रफ्तार कार ने डिवाइडर के पास घास काटने का काम कर रही तीन महिलाओं को टक्कर मार दी। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। दुर्घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष से भी सवाल-जवाब किए, जिसके चलते वहां कुछ समय के लिए नोकझोंक की स्थिति बन गई।
डिवाइडर पर काम कर रही थीं महिलाएं
जानकारी के अनुसार, तीनों महिलाएं एक्सप्रेसवे के डिवाइडर क्षेत्र में घास काटने का काम कर रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार कार वहां पहुंची और महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया।
टक्कर के बाद आसपास काम कर रहे अन्य लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों की मदद की और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
हादसे के बाद मौके पर जुटी भीड़
दुर्घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। हादसे को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी। मौके पर मौजूद लोगों ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों को लेकर सवाल उठाए।
इसी दौरान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष भी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि भीड़ ने उन्हें घेर लिया और हादसे को लेकर सवाल किए। इस दौरान लोगों और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के बीच कुछ देर तक नोकझोंक की स्थिति बनी रही।
पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद लोगों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे में घायल तीनों महिलाओं को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी संबंधित अस्पताल और पुलिस की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। दुर्घटना में शामिल कार और उसके चालक के संबंध में भी कार्रवाई की जा रही है।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह?
प्रारंभिक जानकारी में कार की तेज रफ्तार को हादसे की संभावित वजह बताया जा रहा है, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार की गति कितनी थी और चालक का वाहन पर नियंत्रण किस वजह से बिगड़ा। एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे के डिवाइडर पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि व्यस्त और तेज रफ्तार वाले एक्सप्रेसवे पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी है।
काम के दौरान कर्मचारियों को ट्रैफिक से अलग रखने के लिए सुरक्षा बैरियर, चेतावनी संकेत और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे हादसे इन व्यवस्थाओं की समीक्षा की जरूरत को सामने लाते हैं।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारी तय करने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी ली जा सकती है। साथ ही वाहन और चालक से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
हादसे के बाद कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर लोगों की भीड़ जमा होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभालते हुए भीड़ को हटाया।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों और सड़क किनारे काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल तीनों घायल महिलाओं का उपचार जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।








