ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में लाखों लोगों की मौजूदगी के बीच एक बात सबसे ज्यादा चर्चा में रही—उनके उत्तराधिकारी और बेटे मोजतबा ख़ामेनेई का जनाज़े में नज़र नहीं आना। इस गैरमौजूदगी ने ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में कई तरह की अटकलों को जन्म दिया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मोजतबा ख़ामेनेई की गैरहाज़िरी के पीछे सबसे बड़ी वजह सुरक्षा खतरा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई थी कि सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन पर हमला हो सकता है। इसी कारण उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई।
सुरक्षा एजेंसियों ने लिया बड़ा फैसला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोजतबा ख़ामेनेई स्वयं अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहते थे और धार्मिक रस्में भी निभाना चाहते थे। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित खतरे का हवाला देते हुए उनकी मौजूदगी को बेहद जोखिम भरा बताया। इसके बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की सलाह दी गई।
इज़राइल का नाम क्यों आ रहा है?
हाल के महीनों में ईरान और इज़राइल के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरानी नेतृत्व को आशंका थी कि इतने बड़े सार्वजनिक आयोजन के दौरान मोजतबा ख़ामेनेई को निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में इज़राइल की ओर से कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों को सुरक्षा आकलन और मीडिया रिपोर्टों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
जनाज़े में कौन-कौन रहा मौजूद?
अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में ईरान के शीर्ष नेता, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, धार्मिक हस्तियां और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए। रिपोर्टों के अनुसार, उनके तीन बेटे अंतिम संस्कार के दौरान दिखाई दिए, लेकिन मोजतबा ख़ामेनेई कहीं नजर नहीं आए। उनकी अनुपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
गैरमौजूदगी से बढ़ीं अटकलें
मोजतबा ख़ामेनेई की गैरहाज़िरी के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने इसे स्वास्थ्य से जोड़ा, जबकि कई रिपोर्टों में सुरक्षा कारणों को प्रमुख वजह बताया गया। अब तक ईरानी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से उनकी अनुपस्थिति पर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।
आगे क्या?
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए ईरान अपने शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। ऐसे में मोजतबा ख़ामेनेई की सार्वजनिक गतिविधियों को सीमित रखना इसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, जब तक ईरानी सरकार आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा नहीं करती, तब तक उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सामने आ रही अधिकांश बातें रिपोर्टों और सुरक्षा विश्लेषणों पर आधारित मानी जाएंगी।








