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August 19, 2026 2:05 pm

एक इंजेक्शन से घटेगा खराब कोलेस्ट्रॉल? VERVE-102 ने शुरुआती ट्रायल में दिखाए चौंकाने वाले नतीजे

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खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL-C को कम करने की दिशा में मेडिकल रिसर्च से एक बड़ी उम्मीद सामने आई है। VERVE-102 नाम की एक जांचाधीन जीन-एडिटिंग थेरेपी ने शुरुआती क्लिनिकल ट्रायल में LDL कोलेस्ट्रॉल को एक बार की डोज के बाद काफी कम किया। हालांकि, इसे अभी सामान्य मरीजों के लिए उपलब्ध इलाज मानना जल्दबाजी होगी, क्योंकि यह दवा अभी क्लिनिकल डेवलपमेंट के चरण में है।

एक डोज के बाद LDL में 62% तक कमी

VERVE-102 का अध्ययन Heart-2 नाम के Phase 1b ट्रायल में किया गया। इसमें 35 ऐसे वयस्क शामिल थे, जिन्हें फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया या समय से पहले कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी स्थितियां थीं। प्रतिभागियों को VERVE-102 की एक बार नस के जरिए दी जाने वाली इन्फ्यूजन डोज दी गई।

अध्ययन में सबसे ज्यादा डोज लेने वाले समूह में LDL-C में औसतन 62% तक की कमी देखी गई। इसी डोज पर PCSK9 प्रोटीन का स्तर भी औसतन 88% तक कम हुआ। शोधकर्ताओं ने बताया कि कुछ प्रतिभागियों में यह प्रभाव लंबे फॉलो-अप के दौरान भी बना रहा।

आखिर कैसे काम करती है VERVE-102?

VERVE-102 एक बेस-एडिटिंग जीन थेरेपी है। इसका लक्ष्य लिवर में मौजूद PCSK9 जीन को निष्क्रिय करना है। PCSK9 प्रोटीन की गतिविधि कम होने से शरीर LDL को खून से हटाने में अधिक सक्षम हो सकता है, जिससे रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है।

यही वजह है कि वैज्ञानिक इसे बार-बार लेने वाली दवा के बजाय संभावित वन-टाइम थेरेपी के रूप में देख रहे हैं। लेकिन इसका लंबे समय तक असर और सुरक्षा अभी बड़े और लंबे क्लिनिकल अध्ययनों में जांची जानी बाकी है।

शुरुआती नतीजे उत्साहजनक, लेकिन सावधानी जरूरी

Phase 1b अध्ययन का मुख्य उद्देश्य किसी नई थेरेपी की सुरक्षा और शुरुआती प्रभावों का आकलन करना होता है। VERVE-102 के अध्ययन में गंभीर उपचार-संबंधी प्रतिकूल घटनाएं नहीं देखी गईं, हालांकि कुछ प्रतिभागियों में हल्के से मध्यम इन्फ्यूजन-संबंधी रिएक्शन और कुछ अस्थायी लैब बदलाव दर्ज किए गए।

इसलिए इन परिणामों को उत्साहजनक जरूर माना जा रहा है, लेकिन यह कहना अभी सही नहीं होगा कि एक इंजेक्शन से हर व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल हमेशा के लिए नियंत्रित हो जाएगा।

अभी बाकी है बड़ा ट्रायल

VERVE-102 अभी जांचाधीन उपचार है। ClinicalTrials.gov के अनुसार Heart-2 अध्ययन Phase 1b स्तर पर है और इसका उद्देश्य इसकी सुरक्षा, सहनशीलता और LDL-C कम करने की क्षमता का मूल्यांकन करना है। आगे के बड़े अध्ययनों से यह पता चलेगा कि थेरेपी कितनी प्रभावी और सुरक्षित है तथा इसका लाभ किन मरीजों को सबसे ज्यादा मिल सकता है।

कंपनी ने 2026 में बताया है कि VERVE-102 के लिए Phase 2 अध्ययन में प्रतिभागियों को शामिल करने की योजना है। यानी अभी यह इलाज बाजार में उपलब्ध सामान्य कोलेस्ट्रॉल दवाओं का विकल्प नहीं बना है।

क्या यह कोलेस्ट्रॉल के इलाज का भविष्य हो सकता है?

अगर आगे के क्लिनिकल ट्रायल भी सुरक्षा और प्रभावशीलता के अच्छे परिणाम दिखाते हैं, तो VERVE-102 जैसी जीन-एडिटिंग तकनीक हाई LDL वाले कुछ मरीजों के इलाज में बड़ा बदलाव ला सकती है। खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें लंबे समय तक LDL को कम रखने के लिए लगातार उपचार की जरूरत पड़ती है।

फिलहाल इसे एक संभावित नई थेरेपी के तौर पर देखना बेहतर है, न कि स्थापित इलाज के रूप में। इसके अंतिम फायदे और जोखिम बड़े, लंबे और नियंत्रित क्लिनिकल ट्रायल के बाद ही स्पष्ट होंगे।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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