लगातार दो कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। सोने के भाव में ₹712 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई, जबकि चांदी भी ₹673 प्रति किलोग्राम महंगी हुई। तेजी के बाद सोने की कीमत एक बार फिर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई।
बीते दो दिनों से सोने की कीमतों में दबाव देखने को मिल रहा था। हालांकि, बुधवार को बाजार में खरीदारी बढ़ने के साथ कीमती धातुओं की कीमतों ने रिकवरी की। सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेजी रही, जिससे निवेशकों और सर्राफा बाजार की नजर एक बार फिर बुलियन मार्केट की चाल पर टिक गई है।
सोने के भाव में ₹712 की बढ़ोतरी
बुधवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹712 प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज की गई। इस बढ़त के बाद 10 ग्राम सोने का भाव ₹1.48 लाख के पार पहुंच गया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद आई यह तेजी बाजार में महत्वपूर्ण रिकवरी के तौर पर देखी जा रही है।
सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और निवेशकों की मांग जैसे कई कारक घरेलू बाजार में कीमतों को प्रभावित करते हैं।
चांदी भी हुई ₹673 महंगी
सोने के साथ चांदी के दाम में भी तेजी रही। बुधवार को चांदी की कीमत ₹673 प्रति किलोग्राम बढ़ गई। लगातार दो दिनों की कमजोरी के बाद चांदी में आई इस तेजी से बाजार में फिर खरीदारी का माहौल बना।
चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग के साथ-साथ निवेश मांग का भी असर पड़ता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी की मांग इसकी कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है।
दो दिन की गिरावट के बाद लौटी तेजी
इससे पहले लगातार दो कारोबारी दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी। निवेशकों की मुनाफावसूली और बाजार में बदलते संकेतों के कारण कीमती धातुओं पर दबाव आया था। बुधवार को यह रुख बदला और दोनों धातुओं में खरीदारी देखने को मिली।
सोने की कीमतों में ₹712 की तेजी और चांदी में ₹673 का उछाल इस बात को दर्शाता है कि बुलियन मार्केट में अभी भी काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
क्यों बदलते हैं सोने-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतें कई घरेलू और वैश्विक कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की चाल, डॉलर और रुपये की विनिमय दर, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, केंद्रीय बैंकों की नीतियां, ब्याज दरों की उम्मीदें और मांग-आपूर्ति प्रमुख हैं।
त्योहारी और शादी के सीजन में घरेलू मांग बढ़ने से भी सोने-चांदी की कीमतों को समर्थन मिल सकता है। वहीं, वैश्विक बाजार में किसी बड़े बदलाव या निवेशकों की मुनाफावसूली से कीमतों में गिरावट भी आ सकती है।
ग्राहकों के लिए क्या मायने रखती है यह तेजी?
सोने के भाव में ₹712 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी का सीधा असर आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों की लागत पर पड़ सकता है। हालांकि, ज्वेलरी की अंतिम कीमत केवल सोने के बाजार भाव से तय नहीं होती। इसमें मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क भी शामिल हो सकते हैं।
इसी तरह चांदी के आभूषण, सिक्के और अन्य उत्पाद खरीदने वाले ग्राहकों पर भी चांदी की कीमत में बढ़ोतरी का असर पड़ सकता है।
बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव
दो दिन की गिरावट के बाद सोने-चांदी में आई तेजी ने बाजार की अस्थिरता को एक बार फिर सामने ला दिया है। सोना ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच चुका है, ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग पर बाजार की नजर रहेगी।
हालांकि, किसी भी दिन की तेजी या गिरावट को देखकर कीमतों की आगे की दिशा निश्चित नहीं मानी जा सकती। सोने-चांदी की खरीदारी करने वाले ग्राहकों को अपने शहर के ताजा स्थानीय रेट, मेकिंग चार्ज और टैक्स समेत कुल कीमत की जानकारी लेने के बाद ही खरीदारी का फैसला करना चाहिए।








