रूस-यूक्रेन युद्ध में हवाई हमलों का सिलसिला एक बार फिर तेज हो गया है। 18 अगस्त 2026 को यूक्रेन ने रूस के खिलाफ सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम दिया, जिसमें रूसी अधिकारियों के मुताबिक करीब 800 ड्रोन लॉन्च किए गए। हमलों का प्रमुख निशाना मॉस्को और उसके आसपास के इलाके रहे। इसके जवाब में रूस ने यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र में मिसाइल हमला किया, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए।
मॉस्को की ओर बड़ी संख्या में ड्रोन
रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन की ओर से एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन भेजे गए। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने राजधानी और आसपास के इलाकों को निशाना बनाए जाने की जानकारी दी। रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने बड़ी संख्या में ड्रोन को रोकने का दावा किया।
अमेरिकी समाचार एजेंसी AP के मुताबिक, हमले में मॉस्को के साथ-साथ रूस के दूसरे क्षेत्रों और क्रीमिया को भी निशाना बनाया गया। रूसी अधिकारियों ने अधिकांश ड्रोन को इंटरसेप्ट करने का दावा किया, हालांकि कुछ हमलों से नुकसान और चोटों की खबर सामने आई।
दो दिन में दूसरी बड़ी ड्रोन लहर
यह हमला ऐसे समय हुआ जब यूक्रेन ने इससे पहले भी रूस के खिलाफ बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ ही दिन पहले मॉस्को क्षेत्र में 600 से ज्यादा ड्रोन की गतिविधि की सूचना दी गई थी।
इससे संकेत मिलता है कि यूक्रेन अब रूस के काफी अंदर तक लंबी दूरी के ड्रोन हमलों के जरिए दबाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। इन हमलों का उद्देश्य रूस की सैन्य और लॉजिस्टिक क्षमताओं पर दबाव डालने के साथ-साथ उसकी एयर डिफेंस व्यवस्था को चुनौती देना भी माना जा रहा है।
खार्किव में रूसी मिसाइल हमला, 10 की मौत
इसी दौरान यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी खार्किव क्षेत्र के पेचेनीही गांव में रूसी मिसाइल हमला हुआ। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक हमले में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए।
रॉयटर्स के अनुसार, हमले में निजी मकानों, दुकानों, एक कैफे और डाकघर समेत कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। स्थानीय अधिकारियों ने कम से कम 18 लोगों के घायल होने की जानकारी दी।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले की निंदा करते हुए जवाब देने की बात कही है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमला नागरिक आबादी वाले इलाके में हुआ।
दोनों तरफ से बढ़े हवाई हमले
मॉस्को पर बड़े ड्रोन हमले और खार्किव में रूसी मिसाइल स्ट्राइक को युद्ध के मौजूदा चरण में हवाई हमलों की बढ़ती तीव्रता के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ ड्रोन और मिसाइल हमलों का इस्तेमाल लगातार बढ़ा रहे हैं।
यूक्रेन की ओर से रूस के भीतर दूर तक ड्रोन पहुंचाने की क्षमता बढ़ाने की कोशिश दिखाई दे रही है, जबकि रूस लगातार यूक्रेन के शहरों और ऊर्जा एवं सैन्य ढांचे पर हवाई हमले कर रहा है।
मॉस्को पर हमले का क्या मकसद?
यूक्रेन की लंबी दूरी की ड्रोन रणनीति का एक उद्देश्य रूस के सैन्य, औद्योगिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क पर दबाव बनाना बताया जाता है। इसके साथ ही राजधानी मॉस्को जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र तक हमले पहुंचाकर रूस की सुरक्षा व्यवस्था पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश भी मानी जा रही है।
हालांकि, किसी भी हमले के वास्तविक सैन्य प्रभाव का आकलन स्वतंत्र रूप से करना मुश्किल है, क्योंकि युद्ध के दौरान दोनों पक्षों के आधिकारिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि सीमित रहती है।
शांति वार्ता के बीच बढ़ता तनाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर कूटनीतिक प्रयास भी चर्चा में हैं। लेकिन जमीन और हवा में जारी हमले बताते हैं कि दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव अभी भी बेहद गंभीर बना हुआ है।
एक तरफ यूक्रेन रूस के अंदर तक ड्रोन हमलों की क्षमता बढ़ा रहा है, तो दूसरी तरफ रूस यूक्रेन के विभिन्न इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमलों को जारी रखे हुए है।
आगे क्या?
मॉस्को पर इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला और खार्किव में जानलेवा रूसी मिसाइल स्ट्राइक आने वाले दिनों में संघर्ष को और जटिल बना सकते हैं। खासकर यदि दोनों पक्ष जवाबी हमलों की तीव्रता बढ़ाते हैं, तो नागरिक इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर खतरा बढ़ सकता है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यूक्रेन ने रूस पर करीब 800 ड्रोन का बड़ा हमला किया, जबकि उसी दौरान खार्किव क्षेत्र में रूसी मिसाइल हमले में कम से कम 10 लोगों की जान गई। दोनों घटनाएं रूस-यूक्रेन युद्ध में जारी गंभीर हवाई संघर्ष की तस्वीर सामने रखती हैं।








