पुलिस और कॉलेज प्रशासन के अनुसार, घटना रात करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई। हॉस्टल के ब्लॉक के पीछे शव मिलने के बाद वार्डन और मेडिकल अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। शव को घटनास्थल से रिकवर कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
छात्र कौन था?
डॉ. अमन पटेल जबलपुर के रहने वाले थे। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई जबलपुर से पूरी की थी और एमडी मेडिसिन के अंतिम वर्ष के छात्र थे। सहपाठियों के मुताबिक अमन एक मेधावी छात्र थे, जो पढ़ाई में हमेशा आगे रहते थे। वे हॉस्टल में रहकर अपनी पीजी की पढ़ाई पूरी कर रहे थे। परिवार में उनकी माता-पिता और भाई-बहन हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य इंदौर पहुंच रहे हैं।
क्या था कारण?
अभी तक आत्महत्या के पीछे का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस पूछताछ में सहपाठियों, रूममेट्स और हॉस्टल वार्डन से जानकारी जुटा रही है। कुछ छात्रों ने बताया कि हाल के दिनों में अमन थोड़े परेशान नजर आ रहे थे, लेकिन उन्होंने किसी को कोई बात नहीं बताई थी। मेडिकल शिक्षा की कठिनाई, लंबे ड्यूटी आवर्स और व्यक्तिगत दबाव ऐसे मामलों में आम कारण माने जाते हैं, पर पुलिस बिना सबूत के कोई अनुमान नहीं लगा रही।
कॉलेज डीन डॉ. अमिता जुल्का ने बताया कि रात में वार्डन और मेडिकल ऑफिसर से सूचना मिली। उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। प्रथम दृष्टया आत्महत्या लग रही है, लेकिन पूरी जांच चल रही है। कॉलेज प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी भी गठित कर दी है। परिवार को सूचित कर दिया गया है।
हॉस्टल परिसर में हड़कंप
घटना के बाद हॉस्टल में हड़कंप मच गया। छात्र रातभर सो नहीं पाए और सुबह से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। कई छात्रों ने भावुक होकर कहा कि अमन हमेशा हेल्पफुल और शांत स्वभाव के थे। एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “रात 2 बजे के आसपास कुछ आवाज आई, लेकिन हमने सोचा कोई सामान गिरा होगा। सुबह पता चला तो सदमा लग गया।”
पुलिस जांच
इंदौर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए। फॉरेंसिक टीम ने भी जांच की। पुलिस ने कहा कि शव की पोजीशन और ऊंचाई से कूदने की पुष्टि हो रही है। मोबाइल फोन, कमरे की तलाशी और सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध) की जांच की जा रही है। मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
मेडिकल छात्रों में बढ़ती आत्महत्याएं
यह पहला मामला नहीं है। देशभर में मेडिकल छात्रों पर पढ़ाई, परीक्षाओं और भविष्य की चिंता का भारी दबाव रहता है। एमजीएम कॉलेज सहित कई संस्थानों में पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, काउंसलिंग सेंटर और छात्रों के लिए सपोर्ट सिस्टम मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
कॉलेज प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी मानसिक तनाव की स्थिति में शिक्षकों या काउंसलर से बात करें। हॉस्टल में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी गई है।
परिवार और दोस्तों का दर्द: जबलपुर में अमन के घर पर शोक की छाया है। परिजन अभी भी सदमे में हैं और इंदौर पहुंचकर शव लेने वाले हैं। दोस्तों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा – “एक अच्छा डॉक्टर हमेशा के लिए चला गया।”
पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे मेडिकल fraternity को झकझोर दिया है। हम अमन पटेल की आत्मा को शांति की कामना करते हैं और परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।








