Compressed Natural Gas की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी को लेकर देश के कई शहरों में ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ड्राइवर संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर दामों में बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई या राहत नहीं दी गई, तो आने वाले दिनों में ऑटो-टैक्सी सेवाएं तीन दिन तक पूरी तरह से ठप की जा सकती हैं।
ड्राइवरों का कहना है कि पहले से ही डीजल, पेट्रोल और मेंटेनेंस के बढ़ते खर्चों के बीच अब CNG की कीमतें बढ़ने से उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है। कई चालकों ने बताया कि रोजाना की आमदनी में से बड़ी रकम ईंधन पर खर्च हो रही है, जिससे घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने सरकार और तेल कंपनियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो वे सामूहिक हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। प्रस्तावित हड़ताल के दौरान शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कुछ यूनियन नेताओं ने यह भी कहा कि अगर हड़ताल होती है, तो स्कूल, ऑफिस और बाजार जाने वाले लोगों की दिनचर्या पर बड़ा असर पड़ेगा। खासकर उन शहरों में स्थिति और गंभीर हो सकती है जहां ऑटो और टैक्सी ही मुख्य परिवहन साधन हैं।
वहीं दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से ड्राइवरों से बातचीत की कोशिशें शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, ताकि किसी भी तरह की हड़ताल को टाला जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मामले को बातचीत के जरिए हल करने की कोशिश की जाएगी, जिससे आम जनता को परेशानी न हो।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सभी की नजरें सरकार और ड्राइवर यूनियनों के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर समझौता नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में शहरों की परिवहन व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।








