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October 27, 2026 6:49 pm

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महाराष्ट्र महायुति सरकार में खींचतान, मुख्यमंत्री से लेकर वित्त मंत्रालय तक बीजेपी की बढ़ी मुश्किलें

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मुंबई। महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन (महायुति) के भीतर प्रशासनिक नियंत्रण और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच विभिन्न विभागों के बंटवारे, क्षेत्रीय नियंत्रण और भावी नेतृत्व को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। मराठा आरक्षण आंदोलनकर्ता मनोज जरांगे द्वारा 500 करोड़ रुपये से जुड़े एक कथित गुप्त ऑडियो क्लिप जारी किए जाने के बाद भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच अविश्वास की खाई और चौड़ी हो गई है।

इस संवेदनशील मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने त्वरित प्रशासनिक अधिकार जताते हुए मुंबई पुलिस के विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं दूसरी ओर, दशहरा रैली के दौरान शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का भावी मुख्यमंत्री घोषित किए जाने से राज्य भाजपा नेतृत्व में असहजता बढ़ गई है। इसके अतिरिक्त, कोंकण क्षेत्र में अभिभावक मंत्री के पदों और विकास निधि के आवंटन को लेकर शिवसेना और एनसीपी नेताओं के बीच लगातार तीखे विवाद सामने आ रहे हैं।

गठबंधन के भीतर तनाव को बढ़ाते हुए सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एनसीपी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात कर आगामी शीतकालीन सत्र से पहले वित्त मंत्रालय (फाइनेंस पोर्टफोलियो) की अपनी मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया है।

राज्य विधान परिषद (MLC) के पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव में भी भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के उम्मीदवारों ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था। संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल से पहले गठबंधन के तीनों सहयोगियों के बीच अपना-अपना दबदबा कायम करने की यह होड़ महायुति सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनती नजर आ रही है।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

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