दिल्ली: एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सेना अधिकारी के परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर नाले में गिर जाने से सेना के अधिकारी के बेटे यशवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यशवेंद्र अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा था और कुछ समय पहले ही अपने घर लौटा था। इस हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, हादसा देर रात उस समय हुआ जब यशवेंद्र अपनी कार से कहीं जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और कार सड़क से फिसलकर पास के गहरे नाले में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और यशवेंद्र को गंभीर चोटें आईं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद कार को नाले से बाहर निकाला गया। यशवेंद्र को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिजनों के अनुसार, यशवेंद्र अमेरिका के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। वह छुट्टियों में अपने परिवार से मिलने भारत आया हुआ था। किसी ने भी नहीं सोचा था कि घर लौटने की यह खुशी इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगी। बेटे की असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है और पूरे घर में मातम पसरा हुआ है।
हादसे की खबर मिलते ही सेना से जुड़े अधिकारी, रिश्तेदार और स्थानीय लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। यशवेंद्र को जानने वाले लोगों ने बताया कि वह बेहद होनहार, मिलनसार और अपने उज्ज्वल भविष्य को लेकर उत्साहित था। उसकी असमय मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस ने प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना है। हालांकि यह भी जांच की जा रही है कि दुर्घटना के समय सड़क की स्थिति, मौसम या किसी अन्य तकनीकी खराबी की भी इसमें कोई भूमिका थी या नहीं। अधिकारियों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि हादसे की सही वजह सामने आ सके।
इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार से वाहन चलाने के खतरों को उजागर कर दिया है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही और अधिक गति किसी भी परिवार की खुशियां छीन सकती है। प्रशासन ने भी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाने की अपील की है।
यशवेंद्र की असामयिक मौत ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे इलाके को गहरे दुख में डुबो दिया है। हर कोई यही कह रहा है कि अगर रफ्तार पर थोड़ा नियंत्रण होता, तो शायद एक होनहार युवा की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।








