नई दिल्ली: (CBSE) को नया चेयरपर्सन मिल गया है। 2001 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी मंदीप के. भंडारी को CBSE का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को 25 सितंबर 2026 को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी। नियुक्ति से पहले वह जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे।
MBBS की पढ़ाई, फिर IAS का सफर
मंदीप के. भंडारी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि मेडिकल की रही है। उपलब्ध सेवा प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने MBBS की पढ़ाई की है और पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ तथा दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया।
मेडिकल शिक्षा से प्रशासनिक सेवा तक का यह बदलाव उनके करियर की खास बातों में शामिल है। IAS अधिकारी के तौर पर उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं।
दो दशक से ज्यादा का प्रशासनिक अनुभव
मंदीप भंडारी का प्रशासनिक करियर दो दशक से ज्यादा लंबा रहा है। इस दौरान उन्होंने डिप्टी कमिश्नर, डिविजनल कमिश्नर, ज्वाइंट सेक्रेटरी, एडिशनल सेक्रेटरी और चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर जैसे पदों पर काम किया है।
वह जम्मू-कश्मीर में डिप्टी कमिश्नर जम्मू और डिप्टी कमिश्नर लेह के तौर पर भी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा जम्मू डिविजन के डिविजनल कमिश्नर के रूप में भी उनकी जिम्मेदारी रही है।
केंद्र सरकार में भी संभाली अहम जिम्मेदारियां
भंडारी ने केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी के तौर पर काम किया था। इसके बाद वह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर भी रहे।
उनके प्रशासनिक अनुभव में स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा से जुड़े क्षेत्रों की जिम्मेदारियां भी शामिल रही हैं। वह श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर भी कार्य कर चुके हैं।
जम्मू-कश्मीर के LG के प्रधान सचिव रहे
CBSE चेयरपर्सन बनने से पहले मंदीप भंडारी जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत थे। इस पद पर रहते हुए उन्हें केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में जिम्मेदारी निभानी थी।
अब उनकी नई जिम्मेदारी देश के स्कूल शिक्षा तंत्र से जुड़ी है, जहां CBSE से संबद्ध स्कूलों, बोर्ड परीक्षाओं, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम उनके नेतृत्व में होंगे।
ऐसे समय मिली CBSE की कमान
मंदीप भंडारी ऐसे समय CBSE के चेयरपर्सन बने हैं जब बोर्ड परीक्षा व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल और मूल्यांकन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा रही है। 2026 में On-Screen Marking (OSM) सिस्टम के इस्तेमाल के बाद छात्रों की ओर से स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं, पोर्टल और री-इवैल्यूएशन से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें सामने आई थीं। सरकार ने OSM से संबंधित सेवाओं की खरीद को लेकर जांच भी शुरू की थी।
हालांकि, इन मामलों से जुड़े विभिन्न दावों और शिकायतों को अलग-अलग स्तर पर देखा गया है और सभी आरोपों को स्वतंत्र रूप से सही साबित मानना उचित नहीं है।
CBSE में उनके सामने होंगी कई अहम जिम्मेदारियां
CBSE देश के सबसे बड़े स्कूल शिक्षा बोर्डों में से एक है। चेयरपर्सन के तौर पर भंडारी के सामने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं, स्कूल संबद्धता, पाठ्यक्रम, मूल्यांकन और परीक्षा से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था जैसी जिम्मेदारियां होंगी।
CBSE की वेबसाइट के अनुसार, 2026-27 सत्र की कक्षा 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाओं के लिए स्कूलों से List of Candidates (LOC) जमा कराने की प्रक्रिया भी सितंबर में जारी है। ऐसे में नए चेयरपर्सन के सामने आगामी परीक्षा चक्र की तैयारियों को सुचारु बनाए रखना अहम जिम्मेदारी होगी।
मेडिकल से प्रशासन और अब शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी
मंदीप के. भंडारी का करियर मेडिकल शिक्षा से शुरू होकर सिविल सेवा और फिर केंद्र व जम्मू-कश्मीर प्रशासन की अलग-अलग जिम्मेदारियों तक पहुंचा है। अब CBSE चेयरपर्सन के रूप में उनकी भूमिका देशभर के लाखों छात्रों और स्कूलों से जुड़ी परीक्षा एवं शैक्षणिक व्यवस्था की निगरानी से संबंधित होगी। उनकी नियुक्ति के साथ CBSE को नया पूर्णकालिक नेतृत्व मिला है।








