
रतन टाटा के जाने के बाद टाटा समूह में विवाद, बदलाव, फेरबदल का दौर जारी है. नोएल टाटा के हाथों में जिम्मेदारी आने के बाद

पिछला हफ्ता शेयर बाजार के लिहाज से काफी खराब रहा. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने

रतन टाटा की सौतेली बहनों को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम बात साफ की है कि रतन टाटा की

असम सरकार ने मंगलवार को राज्य के विकास में प्रमुख योगदान देने वाले प्रतिष्ठित उद्योगपति दिवंगत रतन टाटा और टाटा समूह के प्रति सम्मान व्यक्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा को याद करते हुए लिखा कि आज श्री रतन टाटा जी के निधन को एक महीना हो

नोएल टाटा (Noel Tata) को टाटा ग्रुप (Tata Group) की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) के बोर्ड में शामिल किया गया है। यह नियुक्ति

वेटरन उद्योगपति रतन टाटा के जाने के बाद उनके सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट की कमान सौंप दी गई. नोएल टाटा को टाटा

हाल ही में देश के बड़े उद्योगपति रतन टाटा का 86 साल की उम्र में निधन हो गया था. इसके बाद से उन अटकलों ने

पारसी कारोबारी जमशेदजी टाटा ने साल 1870 में टाटा ग्रुप की नींव रखी. उनकी शुरुआती कंपनियों में से एक एम्प्रेस मिल थी, जो साल 1874

बिजनेस जगत में उनकी सफलताओं और उनके धर्मार्थ के काम को देखते हुए, रतन टाटा की तुलना अक्सर जमशेदजी टाटा और जेआरडी टाटा से की
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