
डोनाल्ड ट्रंप ने जब दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति की कमान संभाली तो उन्होंने खुद को पीस प्रेसिडेंट यानी शांति का अग्रदूत बताया था. लेकिन उनके

अमेरिका जिसे दुनिया की सबसे ताकतवार सैन्य शक्ति माना जाता है, अब अपने हथियारों की भारी कमी का सामना कर रहा है. अमेरिका सेना के
30 देशों के मिलिट्री संगठन नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन यानी नाटो के चीफ ने रूस का नाम लेकर भारत और चीन को सरेआम धमकी दी है।

अमेरिकी टैरिफ की पोल इस तरह से खुल जाएगी, किसी को भी नहीं पता था. लेकिन भारत ने अमेरिका को उसकी औकात सही मायनों में

जनवरी में जब से डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं. तभी से अतरंगी फैसले लिए जा रहे हैं. उन्होंने पहले एक झटके में पूरी

नीदरलैंड के हैग में यूरोपीय देशों के नेता नाटो समिट के लिए जुटे थे. इस समिट का मुख्य मुद्दा रूस के बढ़ते खतरे से यूरोप

डोनाल्ड ट्रंप को एक ऐसे शख्स के रूप में देखा जाता था, जो भारत का समर्थक हो. लेकिन राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद

ईरान पर गिरने जा रहा अमेरिका का सबसे पावरफुल बी-2 बम…यह जानकारी अमेरिका के साथ-साथ खाड़ी देश तुर्किए के एर्दोआन को भी था. दरअसल, अमेरिकी

आखिरकार जिस चीज की कयास लगाई जा रही थी वो अमेरिका के ईरान के 3 परमाणु ठिकानों पर हमले के साथ पूरी हो गई. इजराइल

अप्रैल में ट्रंप ने फार्मा सेक्टर को छोड़कर दुनिया के 60 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. उस दौरान ट्रंप ने कहा
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