दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आने वाले प्रमुख त्योहारों को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और आयोजनों को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए दिल्ली सरकार ने तीन अलग-अलग समितियों का गठन किया है। इन समितियों में मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य त्योहारों के दौरान होने वाले बड़े आयोजनों की व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संभालना है। समितियां संबंधित आयोजनों की तैयारियों, व्यवस्थाओं और स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न विभागों और आयोजकों के बीच समन्वय करेंगी।
तीनों प्रमुख त्योहारों के लिए अलग-अलग समितियां
दिल्ली में रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ के दौरान बड़ी संख्या में लोग धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों को देखते हुए सरकार ने तीन समितियां बनाई हैं। प्रत्येक समिति को एक प्रमुख आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
समितियों में शामिल मंत्री और विधायक संबंधित क्षेत्रों में तैयारियों का जायजा ले सकते हैं और आयोजन समितियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं को समय रहते संबंधित विभागों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
रामलीला के दौरान व्यवस्थाओं पर रहेगा फोकस
रामलीला के दौरान दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बड़े मंच और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई, बिजली, पानी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकार की ओर से संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर आयोजन स्थलों पर जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
दुर्गा पूजा पंडालों की भी होगी निगरानी
दुर्गा पूजा के दौरान राजधानी में बड़ी संख्या में पंडाल लगाए जाते हैं। इन स्थानों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने की जरूरत होती है। समिति आयोजकों के साथ समन्वय कर जरूरी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी।
आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं के साथ भीड़ को व्यवस्थित रखने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
छठ पर्व के लिए खास तैयारियां
दिल्ली में पूर्वांचल और बिहार से जुड़े बड़ी संख्या में लोग छठ पर्व मनाते हैं। यमुना घाटों और अलग-अलग जलाशयों के आसपास छठ पूजा के दौरान बड़ी भीड़ जुटती है। ऐसे में घाटों की व्यवस्था, साफ-सफाई, रोशनी और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
छठ पर्व के दौरान श्रद्धालु सूर्यदेव को अर्घ्य देने के लिए घाटों पर पहुंचते हैं। सरकार की ओर से आयोजन स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कराने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा।
मंत्रियों और विधायकों को मिली जिम्मेदारी
तीनों समितियों में मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारी दिए जाने से स्थानीय स्तर पर निगरानी मजबूत करने की कोशिश की गई है। जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजन समितियों और प्रशासन के बीच समन्वय का काम करेंगे।
सरकार का जोर इस बात पर रहेगा कि त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी प्रमुख आयोजनों को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके। आने वाले दिनों में संबंधित समितियां आयोजन स्थलों और तैयारियों की समीक्षा कर सकती हैं।








