वर्जीनिया: अमेरिका में भारतीय मूल के एक शख्स ने अपनी पत्नी की मौत के बाद उसके शव को आरी और चाकू से काटकर कचरे में फेंकने की बात अदालत में स्वीकार की है। हालांकि, आरोपी ने पत्नी की हत्या करने से इनकार किया है। उसका दावा है कि पत्नी ने आत्महत्या की थी और वह घबराहट में शव को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहा था।
अदालत में आरोपी ने क्या बताया?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी नरेश भट्ट (39) अपनी पत्नी ममता काफ्ले भट्ट (28) की मौत के मामले में वर्जीनिया की अदालत में मुकदमे का सामना कर रहा है। ममता जुलाई 2024 में लापता हुई थीं और अब तक उनका शव बरामद नहीं हुआ है।
5 नवंबर 2026 को अदालत में गवाही देते हुए नरेश ने बताया कि 30 जुलाई 2024 की सुबह उसने अपनी पत्नी को बेडरूम में बेसुध हालत में पाया था। उसके मुताबिक, ममता के आसपास उल्टी थी और वहां कीटनाशक की एक खुली पैकेट भी पड़ी थी।
नरेश का दावा है कि उसने करीब एक घंटे तक पत्नी को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। उसने अदालत में यह भी स्वीकार किया कि उसने तुरंत पुलिस या आपातकालीन सेवा को फोन नहीं किया। आरोपी ने कहा कि वह उस समय बहुत घबराया हुआ था।
शव को कचरे में फेंकने की बात कबूली
नरेश ने अदालत में बताया कि पत्नी की मौत के बाद वह डर गया था और शव को छिपाने के तरीके सोचने लगा। उसने पहले शव को नदी में फेंकने के बारे में विचार किया। बाद में उसने कचरे के डिब्बे में शव रखने की कोशिश की, लेकिन उसके मुताबिक शव उसमें फिट नहीं हो रहा था।
आरोपी ने स्वीकार किया कि इसके बाद उसने आरी और चाकू की मदद से शव के टुकड़े किए, ताकि उसे कचरे के बैग में रख सके। उसने बताया कि शव के टुकड़ों को बैग में डालकर कचरे के डिब्बे में फेंक दिया था।
पत्नी की हत्या के आरोप से किया इनकार
नरेश भट्ट पर अपनी पत्नी की हत्या, शव को छिपाने और शव के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप हैं। हालांकि, उसने अदालत में हत्या के आरोपों को नकारते हुए दावा किया कि ममता की मौत आत्महत्या से हुई थी।
वहीं, अभियोजन पक्ष का आरोप है कि नरेश ने पत्नी की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने और शव को छिपाने की कोशिश की। जांच के दौरान घर से फोरेंसिक सबूत मिलने और खून के निशानों की जांच का भी मामला सामने आया है।
दो साल से ज्यादा समय बाद भी नहीं मिला शव
ममता काफ्ले भट्ट जुलाई 2024 में अमेरिका के मैनसस पार्क, वर्जीनिया से लापता हुई थीं। उनके पति के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद से जांच जारी है, लेकिन अब तक उनका शव बरामद नहीं हुआ है।
मामले में अभियोजन पक्ष परिस्थितिजन्य और फोरेंसिक सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, बचाव पक्ष का कहना है कि नरेश ने ममता की हत्या नहीं की। अदालत में सुनवाई जारी है और आरोपी को अभी दोषी ठहराया नहीं गया है।








