बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान इन दिनों अपने OCI (ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया) स्टेटस को लेकर चर्चा में हैं। मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उनकी मौजूदगी के बाद मामला पुलिस और विदेशी नागरिकों से जुड़े नियमों तक पहुंच गया है। इस बीच इमरान ने फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के नोटिस में लगाए गए आधारों पर सवाल उठाते हुए संबंधित जानकारी और उनके समर्थन में सबूत मांगे हैं। उनका कहना है कि नोटिस में दी गई वजहें स्पष्ट नहीं हैं और उनमें विरोधाभास नजर आता है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के पास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़ा घटनाक्रम हुआ था। इस दौरान इमरान खान को पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। इसके बाद उनके खिलाफ शिकायत और विदेशी नागरिकों से जुड़े नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया।
इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास OCI कार्ड है। OCI स्टेटस भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारत में रहने और कई सुविधाओं का लाभ उठाने की अनुमति देता है, लेकिन यह भारतीय नागरिकता के बराबर नहीं होता। संबंधित नियमों के तहत OCI कार्डधारकों की स्थिति की समीक्षा की जा सकती है।
FRRO ने क्यों भेजा नोटिस?
इस मामले में FRRO ने इमरान खान को पहले भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया था। इसके बाद उन्हें दूसरा नोटिस भेजा गया, जिसमें पूछा गया कि उनका OCI रजिस्ट्रेशन रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए। नोटिस में अगस्त क्रांति मैदान पर हुए प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों का उल्लेख किया गया।
हालांकि, FRRO ने यह भी माना कि केवल FIR दर्ज होना या किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जाना आरोपों का निर्णायक प्रमाण नहीं है। OCI रजिस्ट्रेशन रद्द करने पर विचार करते समय संबंधित गतिविधियों की प्रकृति, परिस्थितियों और उनके प्रभाव का आकलन किया जाना है।
इमरान खान ने क्या सवाल उठाए?
इमरान खान ने नोटिस में बताई गई वजहों पर स्पष्टीकरण मांगा है। उनकी ओर से यह सवाल उठाया गया है कि आखिर किन तथ्यों और सबूतों के आधार पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है। वह चाहते हैं कि अधिकारियों की ओर से उन सामग्रियों और आरोपों का विवरण दिया जाए, जिनके आधार पर नोटिस जारी किया गया।
इमरान ने इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का भी रुख किया है। उनकी याचिका में भारत छोड़ने के निर्देश को चुनौती दी गई है। उनका पक्ष है कि नोटिस जारी करने से पहले उन्हें आरोपों पर जवाब देने का उचित अवसर नहीं दिया गया।
अब आगे क्या होगा?
27 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारत छोड़ने के नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक लगा दी थी। सुनवाई के दौरान FRRO की ओर से अदालत को आश्वासन दिया गया कि अगली सुनवाई तक इमरान खान के खिलाफ इस नोटिस के आधार पर कोई दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत अब मामले में आगे सुनवाई करेगी।
फिलहाल OCI स्टेटस को लेकर विवाद जारी है। एक तरफ अधिकारी विदेशी नागरिकों पर लागू नियमों के तहत मामले की जांच कर रहे हैं, वहीं इमरान खान नोटिस के आधार और सबूतों पर स्पष्टता मांग रहे हैं। आगे की स्थिति अदालत की सुनवाई और संबंधित अधिकारियों के जवाब पर निर्भर करेगी।








