पंजाब में CJP की ओर से स्कूलों के कथित ‘ऑडिट’ को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए सरकारी व्यवस्था और स्कूल प्रशासन के अधिकार क्षेत्र को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन या निजी संस्था को सरकारी सिस्टम में इस तरह हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
सचिन पायलट ने CJP के स्कूल ऑडिट को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किसी संगठन को सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और कामकाज की जांच करने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने इस तरह की गतिविधियों को लेकर सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।
पायलट का कहना है कि सरकारी स्कूलों की निगरानी और ऑडिट की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकृत अधिकारियों की होती है। ऐसे में बाहरी संगठन द्वारा स्कूलों का ऑडिट किए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल पैदा होते हैं।
इस मुद्दे के सामने आने के बाद पंजाब की राजनीति में भी बयानबाजी तेज होने की संभावना है। विपक्षी दल सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग कर सकते हैं कि CJP को स्कूलों के निरीक्षण या ऑडिट की अनुमति किस आधार पर दी गई और इस पूरी प्रक्रिया के पीछे सरकार की क्या भूमिका है।
वहीं, इस पूरे विवाद को लेकर CJP की ओर से क्या सफाई दी जाती है और पंजाब सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है, इस पर भी नजर बनी हुई है। मामला अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बनता जा रहा है।








