बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने लोगों को हैरान कर दिया है। मंदिर परिसर में कथित तौर पर शवों को दफन कर उनके ऊपर टाइल्स बिछाकर राज छिपाने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे आरोपी महंत को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी कथित तौर पर भिखारी के भेष में रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान मंदिर परिसर और उसके आसपास संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आई। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई तो मंदिर के फर्श और उसके नीचे की जमीन को लेकर पुलिस को शक हुआ। जांच में कथित तौर पर मानव अवशेष मिलने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने कथित तौर पर वारदात के सबूत मिटाने और शवों को छिपाने के लिए उन्हें मंदिर परिसर में दफन किया और उसके ऊपर टाइल्स लगवा दीं। इस तरह मंदिर के फर्श के नीचे छिपे राज की भनक लंबे समय तक बाहर नहीं आ सकी। हालांकि, पुलिस की जांच आगे बढ़ने के बाद यह मामला सामने आया।
कोलकाता में भिखारी के भेष में मिला आरोपी
मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे महंत की तलाश पुलिस लगातार कर रही थी। पुलिस को उसके कोलकाता में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने वहां कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अपना हुलिया बदल लिया था और भिखारी के भेष में रह रहा था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मंदिर परिसर में शवों को दफन करने के पीछे क्या वजह थी और इस पूरी घटना में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
मंदिर के फर्श के नीचे कैसे पहुंचा मामला?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि मंदिर के अंदर शवों को दफन करने के बाद ऊपर टाइल्स कैसे बिछाई गईं और इतने समय तक किसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फोरेंसिक जांच और आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद अवशेष किन लोगों के हैं और उनकी पहचान कैसे हुई। इसके साथ ही मृतकों की मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
आरोपी महंत की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस इस बात पर है कि कथित वारदात कब और कैसे हुई, शवों को मंदिर परिसर में क्यों छिपाया गया और टाइल्स बिछाने की पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल बागपत का यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस की जांच पूरी होने और फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।








