-एंकर निवेशकों के लिए बोली की तारीख 21 सितंबर,24 सितम्बर को बंद होगा,
– न्यूनतम 101 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगाई जा सकेगी, इसके बाद 101 शेयरों के गुणकों में बोली लगानी होगी
मुम्बई/जयपुर। वर्मोरा ग्रेनिटो लिमिटेड अपने इक्विटी शेयरों के आईपीओ के लिए बोली मंगलवार को खोलेगी। बोली गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली की तारीख सोमवार, 21 सितंबर 2026 होगी। निवेशक न्यूनतम 101 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे। इसके बाद 101 इक्विटी शेयरों के गुणकों में बोली लगाई जा सकेगी। कंपनी ने प्रति इक्विटी शेयर ₹140 से ₹148 का प्राइस बैंड तय किया है।
इस ऑफर में ₹2 अंकित मूल्य वाले अधिकतम इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू, कुल ₹3,200.00 मिलियन (320 करोड़ रुपये) तक, शामिल है। इसके अलावा कात्सुरा इन्वेस्टमेंट्स द्वारा ₹2 अंकित मूल्य वाले अधिकतम 26,217,634 इक्विटी शेयरों की ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) भी शामिल है।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के माध्यम से पेश किए जा रहे इक्विटी शेयरों को बीएसई लिमिटेड (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) पर सूचीबद्ध किए जाने का प्रस्ताव है। जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।
यह ऑफर संशोधित सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) रूल्स, 1957 के नियम 19(2)(बी) और सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 31 के तहत किया जा रहा है। यह ऑफर सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 6(1) के अनुसार बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है। ऑफर का अधिकतम 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए आनुपातिक आधार पर आवंटन हेतु उपलब्ध होगा। कंपनी, बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (बीआरएलएम) से परामर्श के बाद, क्यूआईबी हिस्से के अधिकतम 60% तक शेयर एंकर निवेशकों को आवंटित कर सकती है। यह आवंटन कंपनी द्वारा बीआरएलएम के परामर्श से विवेकाधीन आधार पर किया जाएगा और सेबी आईसीडीआर विनियमों के अनुरूप होगा।
एंकर निवेशक हिस्से के 40% को निम्न तरीके से आवंटन के लिए आरक्षित रखा जाएगा— (i) 33.33% घरेलू म्यूचुअल फंड के लिए, बशर्ते घरेलू म्यूचुअल फंड द्वारा एंकर निवेशकों को आवंटन की कीमत (एंकर इन्वेस्टर एलोकेशन प्राइस) या उससे अधिक कीमत पर वैध बोली प्राप्त हो; और (ii) 6.67% जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंड के लिए, बशर्ते संबंधित घरेलू म्यूचुअल फंड, जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंड द्वारा एंकर इन्वेस्टर एलोकेशन प्राइस या उससे अधिक कीमत पर वैध बोली प्राप्त हो। यदि उपरोक्त (ii) श्रेणी में शेयरों के लिए पर्याप्त बोली नहीं आती है, तो शेष शेयरों का आवंटन सेबी आईसीडीआर विनियमों के अनुसार एंकर इन्वेस्टर एलोकेशन प्राइस या उससे अधिक कीमत पर घरेलू म्यूचुअल फंड को किया जा सकता है। यदि एंकर निवेशक हिस्से में शेयरों की पूरी सदस्यता नहीं होती है या आवंटन नहीं किया जाता है, तो शेष इक्विटी शेयरों को क्यूआईबी हिस्से (एंकर निवेशक हिस्से को छोड़कर) में जोड़ दिया जाएगा। इसे ‘नेट क्यूआईबी हिस्सा’ कहा जाएगा। नेट क्यूआईबी हिस्से का 5% हिस्सा म्यूचुअल फंड को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। शेष नेट क्यूआईबी हिस्सा सभी क्यूआईबी (एंकर निवेशकों को छोड़कर), जिसमें म्यूचुअल फंड भी शामिल हैं, को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। इसके लिए ऑफर प्राइस या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त होना जरूरी होगा।
इसके अलावा, ऑफर का कम से कम 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के लिए उपलब्ध होगा। इसमें एक-तिहाई हिस्सा ₹2 लाख से अधिक और ₹10 लाख तक के आवेदन आकार वाले निवेशकों के लिए तथा दो-तिहाई हिस्सा ₹10 लाख से अधिक के आवेदन आकार वाले निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा। इन दोनों उप-श्रेणियों में से किसी में कम सदस्यता होने पर शेष हिस्सा दूसरी उप-श्रेणी के निवेशकों को सेबी आईसीडीआर विनियमों के अनुसार आवंटित किया जा सकता है। इसके लिए ऑफर प्राइस या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त होना जरूरी होगा। ऑफर का कम से कम 35% हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा। यह आवंटन सेबी आईसीडीआर विनियमों के अनुसार और ऑफर प्राइस या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त होने की शर्त पर किया जाएगा। एंकर निवेशकों को छोड़कर सभी निवेशकों के लिए इस ऑफर में एएसबीए (ब्लॉक्ड अमाउंट द्वारा समर्थित एप्लीकेशन) प्रक्रिया के माध्यम से भाग लेना अनिवार्य होगा। निवेशकों को अपने संबंधित बैंक खाते का विवरण देना होगा। यूपीआई के माध्यम से बोली लगाने वाले निवेशकों को अपना यूपीआई आईडी भी देना होगा। बोली की राशि संबंधित सेल्फ-सर्टिफाइड सिंडिकेट बैंकों (एससीएसबी) द्वारा या लागू होने की स्थिति में यूपीआई प्रक्रिया के तहत बैंक खाते में ब्लॉक की जाएगी। एंकर निवेशकों को एएसबीए प्रक्रिया के माध्यम से एंकर निवेशक हिस्से में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।








