Explore

Search

May 27, 2026 10:57 am

राज्यसभा सीट और बेटे को मंत्री पद! कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता संतुलन का नया फॉर्मूला

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच एक नया राजनीतिक फॉर्मूला सामने आया है, जिसने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है। पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकमान कथित तौर पर ऐसा रास्ता तलाश रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री Siddaramaiah और उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar दोनों गुटों को संतुष्ट किया जा सके।

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने और उनके बेटे को नई सरकार में मंत्री पद देने का प्रस्ताव रखा है। इसके बदले डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कांग्रेस इसे “सत्ता संतुलन” का फॉर्मूला मान रही है, ताकि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन बिना बड़े टकराव के किया जा सके।

दरअसल, 2023 विधानसभा चुनाव के बाद से ही कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी समझौते की चर्चा होती रही है। माना जाता है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर अनौपचारिक सहमति बनी थी। अब जब सरकार अपने कार्यकाल के मध्य चरण की ओर बढ़ रही है, तब नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं।

हालांकि, कांग्रेस हाईकमान अभी खुलकर किसी बदलाव की पुष्टि नहीं कर रहा। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने हाल की बैठकों को केवल राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों से जुड़ा बताया है। कांग्रेस का कहना है कि फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन पर कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है।

सिद्धारमैया को हटाने का फैसला कांग्रेस के लिए आसान नहीं माना जा रहा। वे राज्य में ओबीसी समुदाय के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और पार्टी को डर है कि अचानक बदलाव से उसका सामाजिक समीकरण प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि पार्टी उन्हें सम्मानजनक भूमिका देने पर विचार कर रही है।

दूसरी ओर, डीके शिवकुमार लंबे समय से मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जाते रहे हैं। संगठन और विधायकों के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए उनके समर्थक अब नेतृत्व परिवर्तन की उम्मीद लगाए बैठे हैं। दिल्ली में हुई बैठकों के बाद यह चर्चा और तेज हो गई कि कांग्रेस जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस कर्नाटक में बिहार मॉडल जैसा सत्ता संतुलन बनाना चाहती है, जहां दोनों बड़े नेताओं को साधकर पार्टी में एकजुटता बनाए रखी जाए। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव और दिल्ली में होने वाली बैठकों के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर