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May 30, 2026 11:01 am

राहुल गांधी ने सिद्धारमैया को लगाया गले, कहा- पार्टी के लिए आपका त्याग याद रखा जाएगा

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नई दिल्ली/बेंगलुरु: कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने कर्नाटक की राजनीति में हुए बड़े बदलाव के बीच वरिष्ठ नेता Siddaramaiah के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी और संगठन के हित में किया गया उनका त्याग लंबे समय तक याद रखा जाएगा। राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से मुलाकात के दौरान उन्हें गले लगाया और उनके योगदान की प्रशंसा की।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस नेतृत्व के फैसले के बाद सिद्धारमैया ने पद छोड़ने का निर्णय लिया। इस मौके पर राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की ताकत उसके ऐसे नेताओं से बढ़ती है, जो व्यक्तिगत पद और महत्वाकांक्षा से ऊपर उठकर पार्टी के हित को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया ने जिस तरह संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है, वह अन्य नेताओं के लिए भी एक उदाहरण है।

राहुल गांधी ने कहा कि सिद्धारमैया का राजनीतिक अनुभव और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ कांग्रेस की बड़ी पूंजी है। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में भी सिद्धारमैया पार्टी को मजबूत बनाने और संगठन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस में त्याग, समर्पण और सामूहिक नेतृत्व की परंपरा रही है और सिद्धारमैया ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाया है।

वहीं, सिद्धारमैया ने भी कांग्रेस नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी के निर्णयों का सम्मान किया है और आगे भी संगठन के निर्देशों के अनुसार कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए पद से ज्यादा महत्वपूर्ण पार्टी और उसके सिद्धांत हैं। सिद्धारमैया ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।

कर्नाटक की राजनीति में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य में संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। ऐसे समय में राहुल गांधी द्वारा सार्वजनिक रूप से सिद्धारमैया के योगदान की सराहना करना यह संकेत देता है कि पार्टी उन्हें भविष्य में भी एक प्रमुख नेता के रूप में देख रही है।

कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सिद्धारमैया के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पार्टी हित को सर्वोपरि रखने की यह भावना संगठन को और मजबूत बनाएगी। राहुल गांधी और सिद्धारमैया की मुलाकात तथा दोनों नेताओं के बीच दिखाई गई आत्मीयता ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कांग्रेस नेतृत्व राज्य में एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहता है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कर्नाटक कांग्रेस की नई रणनीति और नेतृत्व संरचना पर सभी की नजरें रहेंगी। हालांकि, राहुल गांधी के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी सिद्धारमैया के योगदान को सम्मान की दृष्टि से देखती है और उनके अनुभव का लाभ आगे भी उठाना चाहती है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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