अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य हमले की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन आखिरी समय में तीन देशों के हस्तक्षेप के बाद इस फैसले को टाल दिया गया। ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
ट्रंप ने कहा कि हालात बेहद तनावपूर्ण हो चुके थे और अमेरिका किसी भी वक्त बड़ा कदम उठा सकता था। हालांकि, तीन अहम देशों ने बातचीत और कूटनीतिक दबाव के जरिए स्थिति को बिगड़ने से रोकने की कोशिश की। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अगर हालात और खराब होते, तो कार्रवाई तय मानी जा रही थी।
हालांकि ट्रंप ने उन तीन देशों के नाम सार्वजनिक नहीं किए, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे मध्य-पूर्व और यूरोप की बड़ी कूटनीतिक पहल मान रहे हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है और लोग इसे संभावित बड़े युद्ध के टलने से जोड़कर देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले भी कई बार खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है, लेकिन इस बार ट्रंप के बयान ने यह संकेत दिया है कि हालात कितने गंभीर हो सकते थे। फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के रिश्तों पर टिकी हुई हैं।








