बिश्केक: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की अहम द्विपक्षीय मुलाकात हुई। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे लगातार अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में हैं।
SCO समिट के इतर हुई मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक बिश्केक में आयोजित SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने SCO के सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत का कार्यक्रम रखा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री सम्मेलन के इतर विभिन्न नेताओं से मुलाकात कर भारत के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
इसी क्रम में पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात हुई। पेजेशकियन सोमवार को बिश्केक पहुंचे और SCO सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।
पश्चिम एशिया के हालात पर नजर
मोदी-पेजेशकियन मुलाकात का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि पश्चिम एशिया में इस साल संघर्ष और तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे माहौल में भारत और ईरान के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत को क्षेत्रीय घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर रिपोर्टों में कहा गया था कि पश्चिम एशिया की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विषय बातचीत के अहम मुद्दों में शामिल हो सकते हैं।
भारत-ईरान संबंधों के लिए क्यों अहम है मुलाकात?
भारत और ईरान के संबंधों में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दे लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। ईरान के साथ भारत की कनेक्टिविटी परियोजनाएं भी रणनीतिक दृष्टि से अहम मानी जाती हैं।
ऐसे में दोनों देशों के नेताओं की आमने-सामने बातचीत से द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर आगे की दिशा पर चर्चा की संभावना बनी है।
SCO में सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर भारत का जोर
SCO सम्मेलन में भारत की प्राथमिकताओं में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन में भारत की इन प्राथमिकताओं को सामने रख रहे हैं। सम्मेलन का आयोजन SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है।
भारत के लिए SCO मध्य एशिया और व्यापक क्षेत्र के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है।
पुतिन समेत कई नेताओं से भी मुलाकात
बिश्केक में पीएम मोदी का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। SCO सम्मेलन के दौरान उनकी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों की योजना है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी उनकी बैठक निर्धारित थी। इसके अलावा पीएम मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान के साथ भी द्विपक्षीय मुलाकात की।
SCO मंच पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी भी इस सम्मेलन को कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना रही है।
भारत की ‘संतुलित कूटनीति’ पर नजर
मोदी-पेजेशकियन मुलाकात को भारत की संतुलित विदेश नीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। भारत एक तरफ अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है, तो दूसरी तरफ रूस, ईरान और मध्य एशिया के देशों के साथ भी रणनीतिक संवाद जारी रखे हुए है।
बिश्केक में होने वाली ऐसी द्विपक्षीय बैठकें भारत को अलग-अलग देशों के साथ अपने हितों और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर सीधे संवाद का अवसर देती हैं।
आगे क्या?
SCO सम्मेलन के दौरान भारत और ईरान के बीच बातचीत से जुड़े विस्तृत आधिकारिक बिंदुओं पर नजर रहेगी। खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति, क्षेत्रीय स्थिरता, कनेक्टिविटी और द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर दोनों देशों का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, बिश्केक में PM मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियन की मुलाकात भारत-ईरान संबंधों और बदलते पश्चिम एशियाई समीकरणों के बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम है।








