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July 11, 2026 3:48 pm

ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में लापरवाही खतरनाक, भारत में सर्वाइवल रेट 65% तक; WHO ने किया बड़ा खुलासा

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ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बन चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस बीमारी में समय पर पहचान और इलाज बेहद महत्वपूर्ण है। भारत में ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों के सर्वाइवल रेट को लेकर सामने आए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं, जहां कई मामलों में देर से जांच और इलाज शुरू होने के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती चरण में पहचान होने पर इलाज की संभावनाएं काफी बेहतर हो सकती हैं। लेकिन सामाजिक झिझक, जागरूकता की कमी और जांच में देरी कई मरीजों के लिए मुश्किलें बढ़ा देती है।

जांच में देरी बन सकती है सबसे बड़ी चुनौती

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। कई महिलाएं जांच कराने में संकोच करती हैं या बीमारी को लेकर डर और सामाजिक दबाव के कारण डॉक्टर से संपर्क करने में देर कर देती हैं।

देर से बीमारी का पता चलने पर इलाज अधिक जटिल हो सकता है और मरीज के ठीक होने की संभावना प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि नियमित जांच और शुरुआती पहचान को बेहद जरूरी माना जाता है।

भारत में सर्वाइवल रेट को लेकर चिंता

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े मामलों में सर्वाइवल रेट विकसित देशों की तुलना में कम देखा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसका एक बड़ा कारण बीमारी का देर से पता चलना मानते हैं।

भारत में कई मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं, जब बीमारी आगे बढ़ चुकी होती है। इससे इलाज के विकल्प सीमित हो सकते हैं और स्वास्थ्य पर असर बढ़ सकता है।

WHO ने जागरूकता पर दिया जोर

WHO लगातार कैंसर की रोकथाम, समय पर जांच और बेहतर इलाज की जरूरत पर जोर देता रहा है। संगठन के अनुसार, कैंसर के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता, स्क्रीनिंग और समय पर उपचार की अहम भूमिका होती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए और शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

डॉक्टरों के मुताबिक, ब्रेस्ट में गांठ, आकार में बदलाव, त्वचा में असामान्य परिवर्तन, निप्पल से किसी तरह का असामान्य स्राव या लगातार दर्द जैसे लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।

हालांकि, हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी बदलाव की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होता है।

जागरूकता और नियमित जांच जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेस्ट कैंसर से बचाव और नियंत्रण के लिए महिलाओं में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित जीवनशैली और समय पर चिकित्सा सलाह बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।

सरकार और स्वास्थ्य संस्थाएं भी कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही हैं, ताकि बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो सके।

समय पर कदम उठाने से बढ़ सकती हैं उम्मीदें

ब्रेस्ट कैंसर का नाम सुनकर डरने के बजाय समय पर जांच और सही इलाज पर ध्यान देना जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती पहचान से इलाज के परिणाम बेहतर हो सकते हैं और मरीज के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।

महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना और जांच को लेकर झिझक खत्म करना इस बीमारी के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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