राजस्थान में आखिरकार मानसून की सक्रियता बढ़ने लगी है। राजधानी जयपुर, चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाई है। पिछले कई दिनों से तेज धूप और उमस भरे मौसम से परेशान लोगों ने बारिश के बाद राहत की सांस ली। मौसम में आए इस बदलाव के साथ ही तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 25 जिलों में आज आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
बीते 24 घंटों के दौरान जयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, कोटा, उदयपुर, अजमेर, टोंक, बूंदी, झालावाड़, बारां और आसपास के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया, जबकि कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ मौसम अचानक बदल गया। बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों को पूरी तरह कवर कर सकता है। इसी कारण राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
जयपुर में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर मानसून की सक्रियता खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकती है।
बारिश का असर शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। कई सूखे तालाबों और जलाशयों में पानी की आवक शुरू हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने खेतों की तैयारी तेज कर दी है और अच्छी बारिश की उम्मीद में बुवाई की योजना बना रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में इसी तरह बारिश जारी रहती है, तो जल संकट से जूझ रहे कई क्षेत्रों को भी राहत मिल सकती है।
हालांकि, तेज बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं। प्रशासन ने स्थानीय निकायों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग ने भी तेज आंधी और बारिश के दौरान बिजली के खंभों तथा टूटे तारों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सप्ताह राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। इसके चलते तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से लगातार राहत मिलती रहेगी।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर ध्यान दें। गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
राजस्थान में मानसून की इस दस्तक ने न केवल मौसम का मिजाज बदल दिया है, बल्कि किसानों, आम लोगों और व्यापारियों के लिए भी राहत और नई उम्मीद लेकर आई है। अब सभी की नजरें अगले कुछ दिनों के मौसम पर टिकी हैं, क्योंकि अच्छी बारिश राज्य की जल स्थिति और कृषि दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।








