वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे और भारतीय वायुसेना के भव्य एयर शो को लेकर काशी में खास उत्साह देखने को मिला। गंगा के घाटों से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। नमो घाट पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू विमानों ने अपनी उड़ान क्षमता और हवाई करतबों का प्रदर्शन किया। यह आयोजन भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया।
काशी में प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर उत्साह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अक्टूबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। उनके दौरे को देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। प्रमुख मार्गों, घाटों और कार्यक्रम स्थलों पर पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयारियां कीं।
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान समर्थकों ने उनका स्वागत किया। रोड शो और स्वागत कार्यक्रमों में फूलों की वर्षा तथा ‘मोदी-मोदी’ के नारों की चर्चा रही। हालांकि, रोड शो के मार्ग और कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार देखी जानी चाहिए।
नमो घाट पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो
काशी के नमो घाट पर आयोजित एयर शो इस दौरे के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। भारतीय वायुसेना ने गंगा के ऊपर अपनी हवाई क्षमता, तकनीकी कौशल और अनुशासित उड़ान प्रदर्शन का परिचय दिया। इस कार्यक्रम में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, मिराज-2000, जगुआर और स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू विमानों को शामिल किया गया।
वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने भी प्रदर्शन किया। अलग-अलग विमानों और हेलीकॉप्टरों की उड़ान ने गंगा किनारे मौजूद दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
52 लड़ाकू विमान और कुल 100 एयरक्राफ्ट
आयोजन के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, एयर शो में कुल 100 विमान शामिल होने थे। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान और 32 हेलीकॉप्टर शामिल थे। इसके अलावा एक ऐतिहासिक विमान भी प्रदर्शन का हिस्सा था।
इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, आधुनिक तकनीक और हवाई कौशल को प्रदर्शित करना था। कार्यक्रम में भारतीय सेना और नौसेना के विमानों की भागीदारी भी संयुक्त संचालन क्षमता को सामने लाने के लिए रखी गई थी।
राफेल और सुखोई के करतब बने आकर्षण
एयर शो के दौरान राफेल और सुखोई-30 एमकेआई जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की उड़ान दर्शकों के लिए खास आकर्षण रही। इन विमानों ने निर्धारित प्रदर्शन के तहत तेज गति से उड़ान और विभिन्न हवाई करतब दिखाए। स्वदेशी तेजस विमान की भागीदारी ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
वायुसेना के ऐसे प्रदर्शन केवल रोमांच तक सीमित नहीं होते, बल्कि पायलटों के प्रशिक्षण, विमान संचालन की दक्षता और विभिन्न परिस्थितियों में समन्वय की क्षमता को भी प्रदर्शित करते हैं। गंगा के ऊपर आयोजित इस कार्यक्रम ने वाराणसी के धार्मिक और सांस्कृतिक परिवेश के बीच भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता को सामने रखा।
सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम
प्रधानमंत्री के दौरे और एयर शो में बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए। प्रमुख मार्गों, घाटों और आयोजन स्थल पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की व्यवस्था की गई।
प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात सुचारु रखने और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने की चुनौती रही। दर्शकों की आवाजाही और कार्यक्रम स्थल तक पहुंच को व्यवस्थित करने के लिए भी इंतजाम किए गए।
काशी के लिए यादगार आयोजन
‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने वाराणसी को भारतीय वायुसेना की हवाई क्षमताओं के प्रदर्शन का मंच बनाया। गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की उड़ान, सूर्यकिरण टीम के करतब और नमो घाट पर दर्शकों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बनाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के साथ यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहा। काशी में आयोजित इस एयर शो के जरिए भारतीय वायुसेना ने अपनी तकनीकी क्षमता, प्रशिक्षण और हवाई संचालन के कौशल को प्रदर्शित किया।








