लक्षद्वीप के पास समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एक अभियान के दौरान कथित तौर पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। कार्रवाई में 5 पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जब्त की गई ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब ₹3000 करोड़ बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह खेप समुद्री रास्ते से भारत लाई जा रही थी और इसे आगे मुंबई ले जाने की तैयारी थी। एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद समुद्र में निगरानी बढ़ाई और कार्रवाई करते हुए संदिग्ध नाव को रोका।
समुद्री रास्ते से तस्करी की कोशिश
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रग्स की यह खेप कहां से आई थी और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा था। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इस नेटवर्क के तार भारत के किन इलाकों और विदेशों में सक्रिय तस्करों से जुड़े हैं।
समुद्री रास्तों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है। इसी को देखते हुए समुद्री सीमा और तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाती रही है।
2025 में गुजरात में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
ड्रग्स तस्करी के खिलाफ गुजरात में भी पिछले साल बड़ी कार्रवाई की गई थी। 2025 में गुजरात में करीब ₹18 हजार करोड़ की ड्रग्स पकड़े जाने का दावा किया गया था। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों के बाद एजेंसियां समुद्री और तटीय मार्गों से होने वाली तस्करी पर विशेष नजर रख रही हैं।
आगे की जांच जारी
लक्षद्वीप के पास हुई इस कार्रवाई के बाद जब्त नशीले पदार्थों की जांच, उनकी वास्तविक कीमत और खेप से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां हिरासत में लिए गए पांचों लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरी तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल हैं और ड्रग्स की अंतिम डिलीवरी कहां होनी थी।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।








