अमेरिका में अमेरिकन एयरलाइंस की एक फ्लाइट में लैंडिंग से ठीक पहले उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक यात्री के लैपटॉप में अचानक आग लग गई। घटना के बाद विमान के केबिन में धुआं फैल गया। पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना देते हुए बताया कि लैपटॉप की वजह से लगी आग में करीब 4 से 5 यात्रियों के झुलसने की आशंका है। हालांकि, विमान सुरक्षित रूप से डलास-फोर्ट वर्थ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतर गया।
अटलांटा से डलास जा रही थी फ्लाइट
यह घटना अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 2398 में हुई, जो अटलांटा से डलास के लिए रवाना हुई थी। विमान में करीब 133 लोग सवार थे। डलास पहुंचने से कुछ समय पहले, लैंडिंग के दौरान केबिन के पिछले हिस्से में एक यात्री के लैपटॉप से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते उसमें आग लग गई।
पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमान के केबिन में आग लगने की जानकारी दी। उस वक्त फ्लाइट अटेंडेंट्स ने तुरंत मोर्चा संभाला और आग को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू कर दी।
केबिन में भर गया धुआं
प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों के मुताबिक, लैपटॉप से निकल रहे धुएं की वजह से केबिन में घबराहट का माहौल बन गया। एक यात्री ने बताया कि वह आग वाली जगह से कुछ पंक्तियां दूर बैठी थीं और धुआं बढ़ने के बाद पीछे की ओर चली गईं। बताया गया कि लैपटॉप को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने के लिए क्रू ने थर्मल कंटेनमेंट बैग का इस्तेमाल किया।
फ्लाइट क्रू की तेजी से की गई कार्रवाई की वजह से आग को फैलने से रोक लिया गया। विमान ने अपनी यात्रा जारी रखी और डलास-फोर्ट वर्थ एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।
4-5 यात्रियों के झुलसने की आशंका
घटना के दौरान पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बताया कि लैपटॉप की वजह से करीब 4 से 5 यात्रियों के झुलसने की आशंका है। हालांकि, एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार विमान के उतरने के बाद एक यात्री को इलाज दिया गया और बाद में उसे छोड़ दिया गया। इसलिए शुरुआती रिपोर्ट में बताई गई चोटों और आधिकारिक तौर पर इलाज पाने वाले यात्रियों की संख्या में अंतर दिखाई देता है।
अमेरिकन एयरलाइंस ने भी पुष्टि की कि फ्लाइट सुरक्षित रूप से डलास पहुंची और ग्राहक के डिवाइस से धुआं निकलने की सूचना मिली थी। एयरलाइन ने इस स्थिति से तेजी से निपटने के लिए अपने क्रू की तत्परता की सराहना की।
FAA कर रहा मामले की जांच
घटना के बाद अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में लैपटॉप की बैटरी से जुड़े जोखिम की आशंका जताई जा रही है, लेकिन आग लगने की सटीक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
लैपटॉप और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां अधिक गर्म होने पर धुआं या आग पैदा कर सकती हैं। FAA के मुताबिक ऐसी बैटरियों में कभी-कभी ‘थर्मल रनअवे’ की स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें तापमान तेजी से बढ़ने लगता है।
क्रू की तत्परता से टला बड़ा खतरा
इस घटना में सबसे अहम बात यह रही कि आग को विमान के अंदर फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया। फ्लाइट अटेंडेंट्स ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लैपटॉप को थर्मल कंटेनमेंट बैग में सुरक्षित किया और विमान को सुरक्षित तरीके से उतारा गया। लैंडिंग के बाद आपातकालीन कर्मियों ने भी विमान की जांच की और जरूरतमंद यात्री को चिकित्सा सहायता दी।
यह घटना एक बार फिर विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़ी बैटरी सुरक्षा के महत्व को सामने लाती है। फिलहाल FAA की जांच के बाद ही पता चलेगा कि लैपटॉप में आग किस कारण लगी और घटना के दौरान यात्रियों को किस स्तर की चोटें आईं।








