Explore

Search

August 19, 2026 6:41 pm

जयपुर-श्रीगंगानगर में IT की बड़ी कार्रवाई! प्रोफेशनल्स के तीन ठिकानों पर सर्वे, इंटरनेशनल बैंकिंग फ्रॉड से जुड़े तार

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

राजस्थान में वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों की जांच को लेकर आयकर विभाग की कार्रवाई चर्चा में है। जयपुर और श्रीगंगानगर में प्रोफेशनल्स से जुड़े तीन ठिकानों पर IT विभाग की ओर से सर्वे किए जाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि जांच का फोकस कथित तौर पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, बोगस डोनेशन और विदेश में रकम भेजे जाने से जुड़े मामलों पर है।

हालांकि, उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में इस विशेष IT सर्वे के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सीमित है, इसलिए आरोपों को फिलहाल जांच के दायरे में आए दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

तीन ठिकानों पर पहुंची जांच

जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग की टीमों ने जयपुर और श्रीगंगानगर में प्रोफेशनल्स से जुड़े तीन परिसरों पर कार्रवाई की। सर्वे के दौरान वित्तीय दस्तावेजों और लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच किए जाने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करती हैं कि संबंधित वित्तीय गतिविधियों में घोषित आय और वास्तविक लेनदेन के बीच कोई अंतर तो नहीं है। साथ ही, अलग-अलग संस्थाओं और खातों के बीच हुए लेनदेन की भी पड़ताल की जा सकती है।

बोगस डोनेशन के जरिए विदेश में पैसा भेजने का आरोप

मामले में सबसे अहम कड़ी कथित बोगस डोनेशन और विदेश में रकम ट्रांसफर किए जाने से जुड़ी बताई जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना हो सकता है कि कहीं फर्जी या संदिग्ध संस्थाओं के माध्यम से रकम को दूसरे स्थानों या विदेश में तो नहीं भेजा गया।

आयकर विभाग ऐसे मामलों में दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और संबंधित वित्तीय लेनदेन के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ता है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।

इंटरनेशनल बैंकिंग फ्रॉड से कनेक्शन की जांच

इस कार्रवाई को कथित इंटरनेशनल बैंकिंग फ्रॉड से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजस्थान में इससे पहले साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी के कई मामलों में विदेशी नेटवर्क के तार सामने आए हैं। श्रीगंगानगर पुलिस ने मई 2026 में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया था और जांच में कंबोडिया तक नेटवर्क के तार मिलने की बात कही गई थी।

हालांकि, उस मामले और मौजूदा IT सर्वे के बीच सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।

जांच में बैंकिंग रिकॉर्ड अहम

ऐसे मामलों में बैंक खातों के जरिए हुए लेनदेन जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। एजेंसी यह देख सकती है कि रकम कहां से आई, किस खाते में गई और उसके पीछे किस तरह का कारोबारी या वित्तीय कारण दर्ज किया गया था।

जयपुर में इससे अलग एक मामले में पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर चल रहे तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर कार्रवाई कर 22 लोगों को गिरफ्तार किया था। वहां से मोबाइल फोन, रजिस्टर, दस्तावेज और अन्य डिजिटल सामग्री जब्त की गई थी।

जांच पूरी होने के बाद तस्वीर होगी साफ

फिलहाल IT विभाग की कार्रवाई को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। क्या वास्तव में बोगस डोनेशन के जरिए रकम विदेश भेजी गई? इस नेटवर्क में कितने लोग या संस्थाएं शामिल हैं? और क्या इंटरनेशनल बैंकिंग फ्रॉड से इसका कोई सीधा संबंध है? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

आयकर विभाग की कार्रवाई का मकसद कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच करना है। जब तक जांच और आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आते, तब तक संबंधित लोगों या संस्थाओं को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर