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September 1, 2026 2:10 pm

अमेरिका के हमले से दहला ईरान का लारक द्वीप, तेहरान ने जॉर्डन में US ठिकानों पर किया जवाबी हमला

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अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों देशों के बीच कुछ समय से अपेक्षाकृत शांति बनी हुई थी।

लारक द्वीप पर अमेरिका ने किया हमला

रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के लारक द्वीप के पास मौजूद दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिका का कहना है कि इन लॉन्चरों से रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरंगें बिछाने की तैयारी की जा रही थी और इससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को खतरा पैदा हो सकता था।

यह हमला करीब एक महीने बाद ईरान के खिलाफ अमेरिका की पहली स्वीकार की गई सैन्य कार्रवाई थी। इससे पहले दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव के बावजूद सीधा टकराव कुछ समय के लिए कम हुआ था।

ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में लोगों के हताहत होने की भी खबर है।

ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर किया जवाबी हमला

लारक द्वीप पर हमले के बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने जॉर्डन स्थित दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें किंग हुसैन और अल-अजराक एयर बेस शामिल बताए गए हैं।

ईरान ने इस कार्रवाई को अमेरिकी हमले के जवाब में की गई कार्रवाई बताया। तेहरान ने इसे आत्मरक्षा के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि लारक द्वीप पर हमला करने वाले अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

हालांकि, ईरान के हमले के दावों और नुकसान के आकलन को लेकर दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं।

जॉर्डन ने मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया

जॉर्डन की सेना के मुताबिक, उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई आठ मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया। अधिकारियों ने शुरुआती जानकारी में अमेरिकी ठिकानों पर किसी के घायल होने की बात नहीं कही।

इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि जॉर्डन सीधे तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का हिस्सा नहीं है, लेकिन वहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के कारण वह इस टकराव की चपेट में आ सकता है।

UAE तक पहुंचा तनाव

तनाव केवल ईरान और जॉर्डन तक सीमित नहीं रहा। ईरान की ओर से संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया। UAE ने कुछ दावों को खारिज किया है, जबकि क्षेत्र में एक ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट किए जाने की भी खबर सामने आई है।

इससे आशंका बढ़ गई है कि अमेरिका-ईरान टकराव का असर मध्य पूर्व के दूसरे देशों तक भी फैल सकता है।

ईरान ने अमेरिकी ड्रोन गिराने का भी दावा किया

ईरान के IRGC ने यह भी दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। यह दुनिया के प्रमुख तेल व्यापार मार्गों में से एक है और यहां सैन्य तनाव बढ़ने का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

ट्रंप ने दी ईरान को जवाब की चेतावनी

ईरानी जवाबी हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा।

इस बयान के बाद आशंका बढ़ गई है कि हालिया घटनाक्रम आगे और सैन्य टकराव में बदल सकता है। हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दूसरी ओर संकेत दिया है कि यदि अमेरिका पहले हुए अंतरिम समझौते की प्रतिबद्धताओं पर लौटता है, तो तेहरान भी जवाबी कदमों को रोकने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक स्तर पर भी चिंता का विषय है। होर्मुज जलडमरूमध्य से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का समुद्री परिवहन होता है। यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या जहाजों की आवाजाही में बाधा से अंतरराष्ट्रीय बाजार प्रभावित हो सकते हैं।

हालिया घटनाक्रम के बाद तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई है। विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि अमेरिका की अगली प्रतिक्रिया क्या होगी और ईरान उसके जवाब में किस तरह कदम उठाता है।

आगे क्या?

फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ चुका है। लारक द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइल हमले और उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी ने मध्य पूर्व में नए सैन्य संकट की आशंका पैदा कर दी है।

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच यह टकराव सीमित रहता है या आने वाले दिनों में इसका दायरा और बढ़ता है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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