लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे और सहयोगी दलों की भूमिका को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी चौधरी सुनील सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई, जिसमें यूपी की राजनीतिक परिस्थितियों, आगामी विधानसभा चुनाव, गठबंधन और किसानों समेत आम जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
लोकदल ने 35 सीटों पर जताई दावेदारी
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सुनील सिंह ने बताया कि लोकदल उत्तर प्रदेश में गठबंधन का हिस्सा है और पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव में 35 विधानसभा सीटों पर अपना दावा रखा है। उन्होंने कहा कि सीटों को लेकर राहुल गांधी के साथ बातचीत सकारात्मक रही और आगे गठबंधन के स्तर पर सीट बंटवारे को लेकर चर्चा की जाएगी। यानी फिलहाल 35 सीटों की संख्या लोकदल की मांग है, इसे अंतिम सीट बंटवारा नहीं माना जा सकता।
सुनील सिंह की सक्रियता को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। लोकदल की ओर से किसान, ग्रामीण क्षेत्र, युवा, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही गई है। पार्टी का फोकस पश्चिमी यूपी के साथ-साथ पूरे प्रदेश में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने पर है।
राहुल गांधी से पहले अखिलेश यादव से भी मुलाकात
राहुल गांधी से मुलाकात से कुछ दिन पहले सुनील सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच भी 2027 विधानसभा चुनाव और सीट बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई थी। इस तरह कम समय के भीतर सुनील सिंह की राहुल गांधी और अखिलेश यादव से हुई मुलाकातों ने यूपी की विपक्षी राजनीति में चर्चाओं को बढ़ा दिया है।
पश्चिमी यूपी पर लोकदल की नजर
लोकदल की राजनीतिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश बताया जा रहा है। पार्टी किसानों और ग्रामीण मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को अपने राजनीतिक एजेंडे में प्रमुखता देने की बात कर रही है। राहुल गांधी के साथ बैठक में भी किसानों, युवाओं, रोजगार, महंगाई और आम जनता से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
लोकदल और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अलग-अलग राजनीतिक दल हैं। सुनील सिंह के नेतृत्व वाला लोकदल खुद को चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत से जोड़ता है। ऐसे में पश्चिमी यूपी में पार्टी की सक्रियता को क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
पंचायतों और ग्रामीण मुद्दों पर भी चर्चा
राहुल गांधी और सुनील सिंह की मुलाकात में पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। लोकदल की ओर से पंचायतों को अधिक अधिकार देने और स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की बात कही गई है। किसानों और ग्रामीण भारत से जुड़े सवालों को भी पार्टी आगामी राजनीतिक अभियान में उठाने की तैयारी में है।
2027 के साथ 2029 की राजनीति का भी जिक्र
मुलाकात के बाद सुनील सिंह ने 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी अपना राजनीतिक लक्ष्य बताया। उन्होंने राहुल गांधी को 2029 में प्रधानमंत्री बनाने की बात कही। साथ ही 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को गठबंधन की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया। ये सुनील सिंह द्वारा व्यक्त किए गए राजनीतिक लक्ष्य हैं, इन्हें चुनावी परिणाम की भविष्यवाणी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा सीटों का बंटवारा है। लोकदल ने 35 सीटों पर अपनी दावेदारी रखी है, लेकिन कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर अंतिम सहमति अभी सामने नहीं आई है। आने वाले समय में गठबंधन स्तर पर होने वाली बैठकों और आधिकारिक घोषणाओं से तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।








