मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच लंबे समय से चर्चा में रहा तलाक का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। सुनीता आहूजा ने गोविंदा के खिलाफ दायर तलाक की अर्जी वापस ले ली है। इस खबर की पुष्टि खुद गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने की है। लेकिन अर्जी वापस लेने के बावजूद मैनेजर का गुस्सा थमा नहीं। उन्होंने सुनीता आहूजा के इस कदम पर सवाल उठाते हुए साफ कहा कि अगर अंत में केस वापस ही लेना था, तो शुरू में इसे दायर करने की क्या जरूरत थी। उन्होंने इसे परिवार का तमाशा बनाने वाला कदम करार दिया।
बुधवार को सुनीता आहूजा अपने बेटे यशवर्धन आहूजा और वकील के साथ मुंबई के फैमिली कोर्ट पहुंची थीं। उनके कोर्ट पहुंचने की खबर तेजी से फैली और तलाक को लेकर अटकलें फिर से तेज हो गईं। हालांकि बाद में गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि सुनीता ने तलाक की अर्जी वापस ले ली है। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच कोई अलगाव नहीं है और यह फैसला खुशी की बात है। लेकिन साथ ही उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
शशि सिन्हा ने कहा, “जरूरत नहीं थी जाने की। घर की बातें घर में रहकर, बैठकर बातें करके बहुत सी चीजें होती हैं। आज वापस लेना था तो किया क्यों था? ये बात मुझे दुखी कर गई। काहे को फिर तमाशा हम लोग बन गए?” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि परिवार के अंदरूनी मामलों को कोर्ट तक ले जाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। पति-पत्नी के बीच मतभेद सामान्य बात है और इन्हें घर बैठकर बातचीत से सुलझाया जा सकता था।
मैनेजर ने आगे कहा कि पिछले डेढ़-दो साल से यह मामला मीडिया में चर्चा का विषय बना रहा। परिवार की छवि प्रभावित हुई और बिना वजह तमाशा बन गया। उन्होंने सवाल किया कि जब अंत में अर्जी वापस ही लेनी थी, तो इसे शुरू में दायर करके सार्वजनिक क्यों किया गया। शशि सिन्हा के अनुसार, घर की बातें घर में ही रहनी चाहिए थीं।
ज्ञात हो कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में बांद्रा फैमिली कोर्ट में गोविंदा के खिलाफ तलाक की अर्जी दायर की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अर्जी में क्रूरता, अवैध संबंध और पत्नी को छोड़ने जैसे आधारों का जिक्र किया गया था। लंबे समय तक यह मामला चर्चा में रहा। बीच-बीच में दोनों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी भी हुई, जिससे सुर्खियां बनीं। अब अर्जी वापस लेने के बाद यह कानूनी विवाद समाप्त हो गया है।
गोविंदा के मैनेजर ने साफ किया कि फिलहाल गोविंदा का इस मामले पर कोई खास रिएक्शन नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान सबको सुबुद्धि दें और लोग समझदारी से काम लें। परिवार के मतभेद को सार्वजनिक करने की बजाय आपसी बातचीत से सुलझाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कई समस्याएं घर बैठकर ही हल हो सकती हैं।
सुनीता आहूजा और गोविंदा की शादी को करीब चार दशक हो चुके हैं। दोनों के दो बच्चे हैं- बेटी टीना आहूजा और बेटा यशवर्धन आहूजा। पिछले कुछ वर्षों में दोनों के रिश्ते को लेकर समय-समय पर अफवाहें और विवाद सामने आते रहे। हाल के महीनों में भी कुछ घटनाओं ने चर्चा बढ़ाई थी। अब तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद परिवार के अंदर शांति लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
शशि सिन्हा के बयान से साफ है कि भले ही कानूनी रूप से मामला बंद हो गया हो, लेकिन परिवार की निजी बातों को सार्वजनिक करने पर मैनेजर नाराज हैं। उन्होंने बार-बार यही दोहराया कि घर की बातें घर में ही रहनी चाहिए थीं। इस बयान ने एक बार फिर गोविंदा-सुनीता के रिश्ते को सुर्खियों में ला दिया है।








