शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की लगातार सक्रियता के बीच भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। तेज बारिश के कारण सड़क संपर्क, पेयजल आपूर्ति और अन्य जरूरी सेवाओं पर असर पड़ा है। राज्य में जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 118 सड़कें बंद हैं, जबकि 216 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इससे कई क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही के साथ-साथ पानी की आपूर्ति से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में मानसून से जुड़ी घटनाओं से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी बड़ा नुकसान हुआ है। हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मानसून की शुरुआत से 15 अगस्त तक बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं में 183 लोगों की मौत हुई है तथा नुकसान का अनुमान 972 करोड़ रुपये से अधिक है।
सड़क संपर्क पर पड़ा असर
भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर सड़क मार्गों पर मलबा आने से यातायात रोकना पड़ा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों की मदद से काम कर रहे हैं। इससे पहले भी राज्य में बारिश के कारण बड़ी संख्या में सड़कें बंद हुई थीं और लोक निर्माण विभाग तथा आपदा प्रबंधन टीमें संपर्क बहाल करने में जुटी रही हैं।
216 पेयजल योजनाओं पर असर
बारिश और भूस्खलन का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। 216 पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति बनी है।
पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान पाइपलाइन, जलस्रोत और वितरण व्यवस्था को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रशासन प्रभावित योजनाओं को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश कर रहा है।
नदियों और नालों का बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश के कारण हिमाचल की कई नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी बढ़ा है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है। हालिया मौसम चेतावनियों में राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
राहत और बहाली कार्य जारी
प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बंद सड़कों को खोलने, पेयजल योजनाओं को बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाएं पहुंचाने का काम जारी है।
भारी बारिश के बीच सरकार और जिला प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरी संपर्क मार्गों तथा बुनियादी सेवाओं को जल्द बहाल करना है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
हिमाचल में इस मानसून सीजन के दौरान लगातार बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक घटनाओं ने राज्य के बुनियादी ढांचे पर बड़ा दबाव डाला है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति को देखते हुए लोगों से प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।








