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July 22, 2026 10:54 am

Heart Disease Alert: आंखों में दिख सकते हैं दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षण, जानिए डॉक्टर की सलाह

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दिल की बीमारियां आज दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि आंखें भी कई बार हृदय स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत दे सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आंखों में दिखाई देने वाले कुछ असामान्य बदलाव शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) और रक्त वाहिकाओं की स्थिति का संकेत हो सकते हैं। इसलिए ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों की रेटिना (Retina) में मौजूद महीन रक्त वाहिकाएं शरीर की धमनियों की स्थिति को दर्शा सकती हैं। यदि इन रक्त वाहिकाओं में बदलाव दिखाई देते हैं, तो यह उच्च रक्तचाप, ब्लॉकेज या हृदय संबंधी समस्याओं का संकेत हो सकता है। कई बार नियमित आंखों की जांच के दौरान भी ऐसे बदलावों का पता चल जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि धुंधला दिखाई देना, अचानक दृष्टि कम होना, आंखों के सामने बार-बार धब्बे या फ्लैश दिखना, रेटिना में सूजन, आंखों की रक्त वाहिकाओं में असामान्य परिवर्तन या पलकों के आसपास पीले रंग के चर्बी जैसे जमा (Xanthelasma) जैसे लक्षण कुछ लोगों में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग के जोखिम से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, ये लक्षण केवल हार्ट डिजीज का ही संकेत हों, ऐसा जरूरी नहीं है। इनके पीछे आंखों या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।

डॉक्टरों का कहना है कि यदि आंखों में अचानक कोई असामान्य बदलाव महसूस हो, विशेष रूप से उसके साथ सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक थकान, चक्कर आना या उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं भी हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच से गंभीर बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, दिल को स्वस्थ रखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए संतुलित और पौष्टिक आहार, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और कम वसा वाला भोजन लें। नियमित रूप से कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं, शराब का सेवन सीमित रखें, पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित करने का प्रयास करें।

इसके अलावा, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराना भी जरूरी है। जिन लोगों के परिवार में हृदय रोग का इतिहास है या जिन्हें मधुमेह, मोटापा या उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हैं, उन्हें नियमित रूप से हृदय और आंखों दोनों की जांच करानी चाहिए।

डॉक्टर इस बात पर भी जोर देते हैं कि केवल आंखों के लक्षणों के आधार पर हृदय रोग का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। लेकिन यदि आंखों में कोई असामान्य बदलाव लंबे समय तक बना रहे या अचानक दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर विशेषज्ञ की सलाह और जांच से संभावित जोखिमों की पहचान की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर समय रहते उपचार शुरू किया जा सकता है।

स्वस्थ जीवनशैली, नियमित स्वास्थ्य जांच और शरीर द्वारा दिए जा रहे संकेतों पर ध्यान देना ही हृदय रोगों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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