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July 25, 2026 12:04 pm

सरकार का बड़ा एक्शन! पेपर लीक माफिया पर अब चलेगा सख्त कानून, 10 साल की जेल का प्रावधान

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देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए संशोधित विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। इस नए कानून के तहत संगठित तरीके से पेपर लीक कराने वालों और परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ करने वाले गिरोहों के खिलाफ बेहद कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

सरकार के प्रस्तावित संशोधित बिल के अनुसार, पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल की सजा और ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य लाखों छात्रों के भविष्य की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली में जनता का भरोसा मजबूत करना है।

संगठित गिरोहों पर होगी सबसे कड़ी कार्रवाई

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, नया कानून खास तौर पर उन संगठित अपराधियों और माफिया नेटवर्क को निशाना बनाएगा, जो पैसे लेकर प्रश्नपत्र लीक करने, परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने या तकनीकी माध्यमों से धांधली करने में शामिल रहते हैं। ऐसे मामलों की जांच तेजी से पूरी करने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने पर भी जोर दिया गया है।

लगातार बढ़ रहे थे पेपर लीक के मामले

पिछले कुछ वर्षों में NEET, शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के कई मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं के बाद लाखों अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किए और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने की मांग उठाई। विपक्ष ने भी सरकार से सख्त कानून लाने की मांग की थी।

छात्रों के हितों को प्राथमिकता

केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा में ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। नए कानून के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति, संस्था या गिरोह को बख्शा न जाए। यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी या परीक्षा संचालन से जुड़ा व्यक्ति भी इस अपराध में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

संसद में पेश होगा विधेयक

कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इस संशोधित विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा। संसद से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून पूरे देश में लागू होगा। सरकार को उम्मीद है कि इस सख्त कानूनी व्यवस्था से पेपर लीक माफिया पर प्रभावी अंकुश लगेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पहले से अधिक मजबूत होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कड़े कानून ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक, बेहतर निगरानी और समयबद्ध जांच भी उतनी ही जरूरी है। यदि इन सभी उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी और लाखों युवाओं का विश्वास परीक्षा व्यवस्था में और मजबूत होगा।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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