राजस्थान में इस बार मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक बुवाई का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में करीब 30 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। बारिश की कमी का असर सबसे ज्यादा उन क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां खेती मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य के 24 जिलों में सामान्य या सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसान खेतों में बुवाई शुरू करने से बच रहे हैं या फिर पहले से बोई गई फसलों की सिंचाई को लेकर चिंता में हैं।
कम बारिश से खेती पर बढ़ा संकट
राजस्थान में खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें बाजरा, मूंग, उड़द, सोयाबीन, मक्का और तिल हैं। इन फसलों की बुवाई समय पर और पर्याप्त वर्षा पर काफी हद तक निर्भर करती है। इस बार मानसून की कमजोर गतिविधियों के कारण कई इलाकों में खेत अभी भी खाली पड़े हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं होती है तो फसल उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। इससे किसानों की आय और राज्य के कृषि उत्पादन दोनों प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों की बढ़ी चिंता
ग्रामीण इलाकों में किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कई किसानों ने पहली बारिश के बाद बुवाई शुरू की थी, लेकिन बाद में बारिश का सिलसिला थम जाने से फसलों के अंकुरण और विकास पर असर पड़ा है।
किसानों का कहना है कि लगातार सूखी परिस्थितियां बनी रहीं तो दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे लागत और बढ़ जाएगी।
मौसम विभाग ने क्या कहा?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि बंगाल की खाड़ी और अन्य मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से अच्छी बारिश हो सकती है।
हालांकि, बारिश की मात्रा और उसका क्षेत्रीय वितरण मौसम प्रणालियों की सक्रियता पर निर्भर करेगा। विभाग ने किसानों को नियमित मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
सरकार की नजर हालात पर
राज्य सरकार और कृषि विभाग लगातार बारिश की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विभाग के निर्देशों के अनुसार ही बुवाई और सिंचाई संबंधी निर्णय लें।
अच्छी बारिश का इंतजार
राजस्थान की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है और अच्छी मानसूनी बारिश किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। अब सभी की निगाहें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हैं। यदि जल्द अच्छी वर्षा होती है तो खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने के साथ किसानों की चिंता भी काफी हद तक कम हो सकती है।








