जयपुर: राजस्थान में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव (माइंस) श्रीमती अपर्णा अरोरा ने कहा कि राज्य में कच्चे माल की सहज उपलब्धता और बेहतर औद्योगिक आधारभूत सुविधाओं के कारण पेट्रोकेमिकल उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोजोन (Petro Zone) निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रदान कर रहा है और आने वाले समय में यह क्षेत्र बड़े निवेश का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर्णा अरोरा ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निवेश-अनुकूल नीतियां लागू कर रही है। पेट्रोकेमिकल सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को आवश्यक सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी, भूमि उपलब्धता और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उद्योगों की स्थापना तेजी से हो सके।
उन्होंने बताया कि पेट्रोकेमिकल उद्योग किसी भी राज्य के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन उद्योगों के माध्यम से प्लास्टिक, रसायन, पैकेजिंग, सिंथेटिक फाइबर, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, फार्मास्यूटिकल्स और कई अन्य क्षेत्रों को कच्चा माल उपलब्ध होता है। इससे न केवल औद्योगिक उत्पादन बढ़ता है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं।
अपर्णा अरोरा ने कहा कि कच्चे माल की आसान उपलब्धता उद्योगों की लागत को कम करती है और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाती है। यही कारण है कि निवेशक ऐसे क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता देते हैं, जहां संसाधनों तक आसान पहुंच और बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाएं उपलब्ध हों। राजस्थान का पेट्रोजोन इन सभी आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में तेजी से विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बड़े निवेश आकर्षित करना ही नहीं, बल्कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी पेट्रोकेमिकल वैल्यू चेन से जोड़ना है। इससे स्थानीय उद्योगों को नई संभावनाएं मिलेंगी और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विस्तार से राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और राजस्थान औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों और निवेशकों ने भी राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि आधारभूत ढांचे का विकास और अनुमतियों की प्रक्रिया इसी तरह सरल बनी रही, तो पेट्रोजोन में बड़े स्तर पर निवेश आने की पूरी संभावना है।
राज्य सरकार का मानना है कि उद्योग, खनन और निवेश को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के माध्यम से राजस्थान को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। पेट्रोकेमिकल सेक्टर में निवेश बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक विकास को दीर्घकालिक गति प्राप्त होगी।








